Thursday, 27 August 2020

बढ़ती उम्र को एन्जॉय कैसे करें | How to Enjoy Old Age

बढ़ती  उम्र को एन्जॉय करना सीखें- 

दोस्तों,शोध कहते हैं कि 40 साल का हो होne  के बाद के  अधिकांश लोग अपनी उम्र के बढ़ने के संकेतों को छिपाने का प्रयास करते हैं इसकी बजाय अगर आप उम्र के अनुसार खुद को फिट रखने के लिए कुछ तरीकों पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि अभी तो उमंग की शुरुवात हुई है. 




1. मुस्कान कम ना हो- 
एक वास्तविक मुस्कान कमरे के माहौल को हल्का कर सकती है. यह बुढ़ापे में भी आपको स्वस्थ रहने में मदद करती है. बेशक मुस्कुराहट लंबे जीवन का कारण नहीं बन सकती है लेकिन खुशी व्यक्त करना और सकारात्मक दृष्टिकोण रखना  लंबी उम्र के लिए मायने रखता है. 




 2.व्यायाम से दोस्ती- 
शारीरिक व्यायाम करने से शरीर में रक्त के प्रवाह में कोई बाधा नहीं आती. जब रक्त का प्रवाह बेहतर हो तो उससे कई प्रकार की बीमारियों को रोका जा सकता है. इससे आपका वजन कंट्रोल में रह सकता है और आप तनाव को कम कर सकते हैं.
क्या आपको पता है दिन में सिर्फ दो से तीन बार वाकिंग पर निकलने से अवसाद  को रोकने में मदद मिल सकती है. इससे अगर आपको गुठलियों के दाम चाहिए तो किसी और के साथ वाकिंग पर निकले और सोशल होकर मन की खुशी कमाए.
'दी ब्रेन चेंजेज दैट चेन्जेस इटसेल्फ ' में नार्मल डोइज बताते हैं कि शारीरिक व्यायाम नए न्यूरॉन्स के निर्माण में मदद कर सकता है, जो की मानव की मेमोरी बनाने में मदद करते हैं. यहां तक कि घर के बाहर टहलने से भी बड़ा बदलाव आ सकता है. 




3.बदलें आदतें- 
 उम्र के अनुसार खुद को स्वस्थ रखने का एक और शानदार तरीका यह है कि हम अपनी जिंदगी को गुरु बना लेवें. इसके लिए जिस हाथ से रोजाना ब्रश करते हैं उसके बजाय उल्टे हाथ से ब्रश करें या फिर एक पैर पर खड़े होकर अपने दांत को साफ करें.
दोस्तों बच्चों जैसी आपको भले ही अजीब सा लग रहा है  मगर ये हरकतें करके अपने आप एक ही समय में अपने शरीर और दिमाग  दोनों को को प्रशिक्षित कर सकेंगे. 






4.सीखना बंद न करें-
 एक शोध में यह भी कहा गया है कि हमेशा कुछ ना कुछ नया सीखते रहने से डिमेंशिया के खतरे को कम किया जा सकता है. तो अगर आप अपने बढ़ती उम्र का असर अपने मस्तिष्क पर नहीं होने देना चाहते हैं, तो रोजाना नई  चीजों के बारे में पढ़ें. वाद्ययंत्र सीखना है या नई  भाषा सीखना भी इसमें काफी फायदेमंद हो सकता है.
डांस सीखना, इससे  जहां कुछ सीखने का अवसर मिलता है वहीं व्यायाम और सामाजिक संपर्क को भी बढ़ावा मिलता है.  इसलिए मित्रों अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकले और कुछ करते रहिए. 




5. सामाजिक बने-
बढ़ती उम्र में दोस्तों और परिवार के साथ संवाद करना डिमेंशिया और अवसाद के खतरे को कम करता है. 'इन बेटर विद ऐज' के लेखक एलेन डी केस्टेल  बताते हैं कि सामाजिक जीवन वाले बड़े वयस्क उन लोगों की तुलना में अधिक जीते हैं, जो अकेले रहना पसंद करते हैं.
दोस्तों सामाजिक होना आपकी इम्युनिटी पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है. एक अध्ययन में सामाजिक संपर्क ने वयस्कों में अवसाद को रोकने में मदद की. हालांकि केवल आमने-सामने बातचीत ने वास्तव में काम किया. वहीँ फोन पर बात करने पर इसका मामूली प्रभाव पड़ा. वहीँ टेक्स्ट और इमेल्स  से इस तरह का कोई फायदा नहीं होता है. 




6. वर्तमान में जीना सीखें-
 एक शोध के अनुसार उम्र बढ़ने पर हमारा नकारात्मक दृष्टिकोण ही डिमेंशिया और हृदय रोग की उच्च दर के जोखिम को बढ़ाता है. शोध  से ये भी पता चला है कि अधेड़ उम्र के लोगों की तुलना में बड़े बुजुर्ग ज्यादा खुश रहते हैं, क्योंकि वह सकारात्मक और सामाजिक लक्ष्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं.


 यह सब करना उन्हें युवा भी महसूस कराता है तो बस एक गहरी सांस लें और रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें. हमेशा वर्तमान में मौजूद रहे. हमें बुढ़ापे से डरने की जरूरत नहीं है. उम्र के अनुसार किसी भी सिचुएशन को स्वीकार करना हमारे जीवन संतुष्टि का एक विश्वसनीय चिन्ह भी है.



दोस्तों आज का हमारा यह पोस्ट आपको कैसा लगा, हमें अपने कमेंट के जरिये बताना न भूलें. अगर यह पोस्ट आपको अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों एवं सोशल मीडिया पर शेयर कीजिए.

धन्यवाद्.


EmoticonEmoticon

>