Tuesday, 23 June 2020

अटल बिहारी वाजपेयी जीवन परिचय | Atal Bihari Vajpayee Biography in Hindi


अटल बिहारी वाजपेयी जीवन परिचय | Atal Bihari Vajpayee Biography in Hindi
नमस्कार दोस्तों, आप सभी का स्वागत है आपके अपने पसंदीदा वेबसाइट पे, आज के इस आर्टिकल में हम आप लोगों को भारत के एक महान व्यक्तित्व ,कवि एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन के बारे में बताने वाला हू. तो देर किस बात की चलिए शुरू करते हैं.
अटल बिहारी वाजपेयी  हमारे देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री रहे हैं, जिन्हें भारतीय राजनीति में अपना काफी सहयोग  दिया हुआ है. अटल  जी कि छवि हमेशा से ही काफी साफ- सुथरी  रही है और इसी के कारण इनका मान- सम्मान न केवल इनकी पार्टी, बीजेपी के द्वारा किया जाता है, बल्कि विपक्षि पार्टियों  द्वारा भी किया जाता है.
इस बात से पता चलता है की अटल जी कितने सरल स्वभाव के साथ एक महान एवं प्रभावशाली व्यक्तिव थे.
     
                         
 

अटल बिहारी वाजपेयी जी अपने 93 वर्ष के जीवन में भारत माता को बहुत कुछ दिए. इन्होंने  हमारे देश के प्रधानमंत्री  रहते हुए देश की तरक्की के लिए बहोत  सारे कार्य किए. इनके द्वारा हमारे देश को दी गई सेवाओँ के कारण  ही, इनको  वर्ष  2015 में भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से भी सुशोभित  जा चुका है. इसके अलावा इनके जन्मदिन  को भारत सरकार  द्वारा सुशासन दिवस के रूप में भी घोषित किया है.

अटल बिहारी वाजपेयी जीवन परिचय | Atal Bihari Vajpayee Biography in Hindi

अटल बिहारी वाजपेयी से सम्बंधित  जानकारी–

पूरा  नाम (Name)- अटल बिहारी वाजपेयी

निक नेम  (Nick Name)- अटल जी

जन्मदिन (Birthday)- 25 दिसम्बर 1924

जन्म स्थान (Birth Place)- ग्वालियर, भारत

राशि (Zodiac)- मकर राशि

नागरिकता (Citizenship)- भारतीय

गृह नगर (Hometown)- ग्वालियर, म.प्र

शिक्षा (Education)- कला स्नातक और लॉ स्नातक

धर्म (Religion)- हिन्दू

घर का पता (Home Address)- 6-ए, कृष्णा मेनन मार्ग, नई दिल्ली – 110011

भाषा का ज्ञान (Language)- हिंदी

पेशा (Occupation)- राजनीतिज्ञ, पूर्व प्रधानमंत्री

पार्टी का नाम- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)

कुल संपत्ति (Net Worth)- 2 मिलियन डॉलर


जन्म और परिवार (Birth and Family)-

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म मध्य प्रदेश के  ग्वालियर शहर  में सन् 1924 में हुआ था. इनके पिता का नाम श्री कृष्णा बिहारी जो की पेशे से एक कवि और अध्यापक थे, और इनका माता का  नाम श्री मती कृष्णा देवी थाजो की एक गृहिणी थीं.
अटल बिहारी वाजपेयी जी का परिवार काफी बड़ा था जिसमे इनके  माता -पिता की कुल सात संताने थीं, जिनमें से अटल जी के चार भाई और तीन बहनें थी.

वैवाहिक जीवन -
मित्रों जहा तक इनके वैवाहिक जीवन की बात है तो मई आपको बता दू की अटल  जी ने अपने जीवन में किसी से भी विवाह नहीं किया और ये जीवन भर अविवाहित ही रहे. हालांकि इनकी एक दत्तक पुत्री है जिसका नाम  नमिता भट्टाचार्य है.

अटल बिहारी वाजपेयी के परिवार के बारे में जानकारी (Family Information)-

पिता का नाम (Father’s name)-कृष्णा बिहारी वाजपेयी
माता का नाम (Mother’s name)-कृष्णा देवी
दादा का नाम (Grandfather’s Name)-पंडित श्याम लाल वाजपेयी
कुल भाई बहने (Totle Sibling)- छह
पत्नी का नाम (Wife’s Name )–  अविवाहित 
बेटी का नाम (Daughter’s Name)- नमिता भट्टाचार्य (दत्तक पुत्री)

भाई बहनों के नाम (Brothers, Sisters Name )भाईयों के नाम-

1. प्रेम बिहारी वाजपेयी

2. अवध बिहारी वाजपेयी

3. सुदा बिहारी वाजपेयी

बहनों के नाम-

1. विमला मिश्रा,

2. उर्मिला मिश्रा 

3. कमला देवी

अटल बिहारी वाजपेयी की जीवन से जुड़ी निजी जानकारी (Personal Information)-

1. दोस्तों अटल जी के पूर्वजों का संबंध उत्तर प्रदेश के आगरा के बटेश्वर गांव से था और इनके दादा पंडित श्याम लाल वाजपेयी,जी कि बाद में  आगरा से मध्य प्रदेश में जाकर बस गए थे.
2. जहा तक पढाई की बात है तो अटल जी अपने जीवन में पढ़ाई में काफी तेज हुआ करते थे और इन्होंने राजनीति विज्ञान में प्रथम श्रेणी में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की हुई थी.
कालांतर में अटल बिहारी जी ने कानपुर विश्वविद्यालय से  वकालत की पढ़ाई करने के लिए दाखिला लिया था. मित्रों उस दौरान आश्चर्य  की बात तो यह है कि इस कॉलेज में इनके साथ इनके पिता ने भी दाखिला लिया और पढाई के दौरान हास्टल में पिता - पुत्र  एक ही रूम में रहते थे.
3. अपने जीवन में अटल जी एक पत्रकार बनना चाहते थे और इन्होंने कई अखबारों में कार्य भी किया था . जिन अखबारों में इन्होंने कार्य किया  उनके नाम इस प्रकार हैं- राष्ट्र धर्म, पंचंज्य, दैनिक समाचार, वीर अर्जुन और स्वदेश अखबार. हालांकि बाद में अटल जी ने कुछ समय बाद पत्रकारिता छोड़ दी थी और ये राजनीति में आ गए थे.
4. अटल बिहारी वाजपेयी एक अच्छे राजनेता होने के साथ - साथ उच्चकोटि के कवी भी थे. इसीलिए अटल जी का नाम भारत के बेहतरीन हिंदी कवियों में गिना जाता है और बाद में एक इंटरव्यू  में इन्होंने इस बात को स्वीकार  भी किया था कि इन्हें राजनीति में कोई रुचि नहीं थी और ये हमेशा से एक कवि बनना चाहते थे.
दोस्तों  एक अच्छा राजनेता बनने के बाद भी अटल जी नियमित रूप से कविताएं लिखा करते थे और जब भी ये कहीं भाषण देने जाया करते थे तो इनके भाषण में एक से एक कविताएं सुनने को  जरूर मिलती थी. जो दर्शकों को इनके तरफ बहोत तेजी से आकर्षित करती थी.
5. अटल जी पहले  ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहली बार भारत के प्रतिनिधि के रूप  में हिंदी भाषा में भाषण  दी थी.
6. अटल बिहारी वाजपेयी जी खाने के बहोत शौक़ीन थे इसका अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है की अटल जी का सम्बन्ध  एक ब्राह्मण परिवार से होते हुए भी वे नॉनवेज थे. जिसके कारण कई बार  अपने खाने के शौक को पूरा करने के लिए  दिल्ली के चांदनी चौक में स्थित  करीम के  रेस्टोरेंट पे पहुच जाया करते थे. ऐसा माना जाता है की करीम का रेस्टोरेंट इनका पसंदीदा रेस्टोरेंट था. इसके अलावा अटल जी को फिश बहोत पसंद था.

अटल बिहारी वाजपेयी का लुक (Looks Table)-
दोस्तों अटल बिहारी वाजपेयी जी जब  93  वर्ष के थे तो वे अक्सर अस्वस्थ रहने के कारण  काफी  समय से व्हील  चेयर पर रहने लगे  और बहोत कम ही लोगों से ये मिल और बातचीत कर पाते थे. हालांकि ये अपने जवानी के दिनों में  काफी आकर्षक व्यक्तित्व के हुआ करते थे. 

इनका लुक इस प्रकार था :-

रंग (color)- गेहुँआ

लम्बाई (Height)- 5’ 6 फीट इन्च

वजन (Weight)- 76 किलो

आंखों का रंग (Eye color)- काला

बालों का रंग (Hair color)- सफेद

शिक्षा (Education)-
दोस्तों अटल जी के साथ-साथ  इनके परिवार के सदस्य भी काफी पढ़े लिखे थे. इससे पता चलता है कि अटल जी के  परिवार में पढ़ाई- लिखाई  को काफी महत्व दिया जाता था.
अटल जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, गोरखी, बारा, ग्वालियर से हासिल की थी. इसके बाद इन्होंने अपनी  कॉलेज कि डिग्री विक्टोरिया कॉलेज ग्वालियर से पूरी की  और बाद में इन्होंने अपनी  उच्चतम शिक्षा के रूप में राजनितिक शास्त्र में एम. ए. किया.

राजनैतिक जीवन (Political life)- 
दोस्तों अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपने राजनैतिक जीवन की शुरुवात स्वतंत्रता सेनानी के रूप में शुरू  किया था. अटल जी उस समय डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को अपना आदर्श  मानते थे और इसलिए इन्होंने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पार्टी भारतीय जनसंघ (बीजेएस), जो कि एक हिंदू राइट विंग राजनीतिक दल था, को ज्वाइन  कर लिया था.
भारतीय जनसंघ पार्टी से जुड़ने के बाद अटल जी को उत्तरी क्षेत्र का राष्ट्रीय सचिव बना दिया गया था और इसी पार्टी से अटल जी ने पहली बार लोकसभा चुनाव भी लड़ा था.
इन्होंने वर्ष  1957 में अपने जीवन का पहला लोकसभा चुनाव बलरामपुर, जो कि उत्तर प्रदेश का एक जिला है, वहां से लड़ा था. और इस सीट से ही इन्होंने भारतीय राजनीति में अपनी पहली जीत भी दर्ज करवाई थी.
दोस्तों बाद में अटल जी के कार्यों को देखते हुए इन्हें साल 1968 में जनसंघ के राष्ट्रीय प्रेजिडेंट बना दिया गया.
अटल बिहारी वाजपेयी ने साल 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मती इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आंतरिक आपातकाल के खिलाफ जयप्रकाश नारायण (जेपी) द्वारा शुरू किए गए कुल क्रांति आंदोलन में भी भाग लिया था.
इस आंदोलन के कुछ वर्षो के  बाद यानी कि 1977 में इंदिरा गांधी सरकार से मुकाबला करने के लिए इनकी जनसंघ पार्टी ने जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया था.
इसके बाद वर्ष 1977 में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में इनकी पार्टी को जीत मिली. इसा जीत के साथ ही मोरार जी देसाई  ने अटल बिहारी वाजपेयी को केंद्रीय मंत्री बना दिया था और इन्हें विदेश मामलों का मंत्रालय मिला था. बतौर विदेश मंत्री रहते हुए, वाजपेयी जी ने विदेश में अपनी मातृभाषा हिंदी  में भाषण  दी थी.
वर्ष  1979 में कुछ  कारणों से  मोरारजी देसाई की सरकार गिर गई थी और इसके कारण अटल  जी को भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

भारतीय जनता पार्टी की शुरुवात -
अटल जी अपना मंत्रालय छोड़ने के एक वर्ष  बाद  लालकृष्ण आडवाणी, भैरों सिंह शेखावत और बीजेएस पार्टी के अन्य नेताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ मिलकर वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन किया. पार्टी बनाने के बाद इन लोगों ने भारतीय जनता पार्टी का बहोत विस्तार किया जिससे वर्ष  1980 में बनीं ये पार्टी बहोत कम  समय के अंदर ही कांग्रेस पार्टी की प्रतिद्वंदी  पार्टी बन गई.

अटल बिहारी वाजपेयी का एक राजनेता से भारत के प्रधानमंत्री तक का सफर-
भारतीय जनता पार्टी को पहली बार लोकसभा चुनाव में  वर्ष 1996 में जीत मिली थी. इस प्रकार  इनकी पार्टी ने पहली बार  देश में अपनी सरकार बनाई थी.
इसी के साथ इनकी पार्टी के तरफ  से अटल बिहारी वाजपेयी को प्रधानमंत्री बनाया गया था और इस प्रकार ये हमारे देश के 10 वे प्रधानमंत्री बने  थे.
हालांकि किन्ही राजनीतिक कारणों के चलते बीजेपी की ये सरकार महज 13 दिनों के अंदर ही गिर गई थी और इसी के साथ अटल बिहारी वाजपेयी को अपना पद से इस्तीफा देना  पड़ा था.
इस प्रकार सरकार गिरने के महज दो साल बाद, एक बार फिर से ये नेशनल डेमोक्रेट एलायंस केंद्रीय में अपनी सरकार बनाने में कामयाब हो गए और इस तरह से वर्ष  1998 में अटल  जी एक बार फिर से हमारे देश के प्रधानमंत्री बनने में सफल  हुए थे .

अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा बतौर प्रधानमंत्री  रहते हुए किए गए कार्य-
दोस्तों अटल जी के दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद इन्होंने  अपने देश के लिए कई तरह के महत्वपूर्ण फैसले लिए  और भारत को और सशक्त  देश बनाने में सफल हुए.
दुसरे देशों के साथ मजबूत सम्बन्ध-
अटल जी के कार्यकाल में ही भारत ने आर्थिक क्षेत्र में काफी विकास किया इसके अलावा अमेरिका ,रूस ,जापान जैसे देशों के साथ आर्थिक एवं व्यक्तिगत रिश्ते काफी मजबूत किये .
परमाणु परीक्षण -
अटल जी अपने दुसरे प्रधानमंत्री कार्यकाल में  मई, 1998 में राजस्थान में सफल परमाणु परीक्षण किया गया था. जिसके बाद भारत का दुनिया भर में बहोत मान बढ़ गया .
भारत-पाकिस्तान बस सेवा की शुरुवात-
इसके अलावा अटल जी के कार्यकाल में ही भारत - पाकिस्तान  बस सेवा की शुरुवात की गयी थी.

मृत्यु(Death)- 
दोस्तों अटल बिहारी वाजपेयी की  मृत्यु 16 अगस्त 2018 में दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में हुयी थी. इसके साथ ही भारत माँ यह लाल हमेशा के लिए इस दुनिया को छोड़कर चला गया.
तो दोस्तों आज का यह आर्टिकल आपको कैसा लगा आप हमें अपने कमेंट के माध्यम से जरूर बताइए .अगर यह पोस्ट आपको पसंद आयी हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ शेयर करना ना भूलें.
धन्यवाद.

1 comments so far

Very good information.


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