Saturday, 1 June 2019

ऐसे बनें क्रिएटिव तो हमेशा रहेंगे पॉजिटिव | creativity in hindi | creativity meaning in hindi

नमस्कार दोस्तों, आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है आपके अपने वेबसाइट पर. आज के इस पोस्ट में हम आप सबको क्रिएटिविटी के बारे में बताने वाले हैं. साथ ही हम आप सबको बताएँगे कि किस प्रकार अपने आपको रचनात्मक(Creative) बनाये रखें.
दोस्तों कुछ लोगों में कोई बात ऐसी होती है कि सामने वाला उसको देख कर "फ्लैट" हो जाता है. यानी उसकी हर अदा पर एकदम "बिक" जाता है. उसकी खासियत यह होती है कि वह व्यक्ति  जहां भी जाता है, अपना एक विशेष प्रभाव छोड़ता है. लोग उसके जैसा बोलना चाहते हैं, रहना चाहते हैं. और तो और लोग  यहां तक चाहते हैं कि, बस पूरी शख्सियत पर उसी का जादू चल जाए. इसलिए कहा भी गया है कि  ईश्वर ने 24 घंटे  समान रूप से सभी को दिए हैं, ऊर्जा भी सभी में समान रूप से समाहित है. फिर क्यों कुछ लोग इतनी सुंदर रचना कर पाते हैं, और कुछ लोग सारा दिन ऐसे ही निकाल देते हैं.
 यदि आप भी यही चाहते हैं कि आपको हर जगह सफलता मिले तो आप भी अपने दृष्टिकोण और व्यवहार में परिवर्तन करके अपने जीवन में सफल बन सकते हैं.
                                 
1. हमेशा अपने आप को उत्साहित रखें -
रचनात्मक लोग हमेशा उत्साहित रहते हैं. अपने सपनों, प्लान और प्रोग्रामों को लेकर ये लोग  बहुत आशावान  होते हैं. इसलिए ऐसे लोगों में हमेशा एनर्जी बनी रहती है. इस टाइप के लोग चाहे जिस फील्ड में हों, ये  लोग खुद को हमेशा अपडेट रखते हैं. जिस तेजी से हर फील्ड में बदलाव आया है, यही समय अपने हुनर दिखाने का है. यदि आपमें हुनर है तो बस चूकिए  नहीं बस अपने पुरे  जुनून के साथ जुट जाइए.
कंप्यूटर इंटरनेट और अखबार भरे पड़े हैं.बस  जरूरत इस बात का है कि आप उत्साही बनें. दोस्तों हमेशा याद रखें कि हर फील्ड में अपडेट होना आपको  कभी  नीचा ना दिखाएगा.
2. हमेशा व्यस्त रहें-
दोस्तों रचनात्मक व्यक्ति अधिक देर तक खाली नहीं बैठ सकते. उनके भीतर ऊर्जा का निरंतर प्रवाह उन्हें कुछ ना कुछ करने को मजबूर करता रहता है.
प्रकृति इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. इसलिए कहा भी गया है कि प्रकृति बहुत बड़ी शिक्षक है. इसलिए हमें जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहने के लिए प्राकृतिक चीजों पर दृष्टि डालने चाहिए.
जैसा कि हम देखते हैं पानी बहता रहता है तो साफ- स्वच्छ रहता है, और वहीं रुक जाता है तो सड़ने लगता है. इसलिए जीवन को नदी के समान माना गया है जो निरंतर बहता रहे.
नदी ही क्यों चांद- सितारे, सूर्य, पृथ्वी और ग्रह  हमेशा  चलते रहते हैं. जीवन में चलते रहने के लिए हमें इन सब की तरफ भी देखना चाहिए जो कभी रुकते ही नहीं, जो चलते जाते हैं उन्हें कभी थकान परेशान नहीं करती. इसलिए प्रसिद्ध गायक श्री कैलाश खेर ने कभी कमाल की बात कही थी, उन्होंने कहा था कि, "हवा कभी स्ट्राइक नहीं करती, सूरज भी कभी हड़ताल पर नहीं गया, सुबह हर दिन आती है और  शिफ्ट खत्म होते ही रात टेकओवर कर लेती है".
इस प्रकार प्रकृति कितनी कमिटेड है. इस कथन से यह बात पुष्ट  होती है कि मनुष्य के  जीवन को भी प्रकृति के समान होना चाहिए.
3. हमेशा सीखने की ललक बनाए रखें-
दोस्तों रचनात्मक व्यक्ति अपनी गलतियों से भी सीखते हैं. वह उसी काम को अगली बार बेहतर ढंग से करने की कोशिश करते हैं. सफलता के लिए नए-नए रास्तों को ढूंढने की जरूरत होती है. उसके लिए हमें  कुछ नया करने के लिए हरदम तैयार रहना पड़ता है. नई चीजों के प्रति हमारे अन्दर  जिज्ञासा होना जरूरी होता है, रचनात्मक प्रकृति के लोग अपने आप से अक्सर सवाल करते रहते हैं.
इस प्रकार के लोग लक्ष्य  प्राप्ति के मार्ग पर चलते समय इनके दिमाग में कई प्रश्न उपस्थित होते हैं. इस प्रकार के  लोग समाधान के लिए शोध भी करते हैं और खोज भी.
4. सफल व्यक्तियों का अनुसरण-
सकारात्मक व्यक्ति का एक गुण यह  भी होता है कि उन्हें अनुसरण करने  की आदत होती है. अनुसरण का सिद्धांत प्रसिद्ध यूनानी दार्शनिक अरस्तु के जमाने से चला आ रहा है.
हमें ऐसे लोगों का अनुसरण करना चाहिए जो लोग अपने जीवन में सफल हुए हैं. हमें पता लगाना चाहिए उन लोगों ने अपने जीवन  में सफल होने के लिए क्या-क्या किया.
इससे हमें पता चलेगा कि इस प्रकार के लोग अपने जीवन में  कभी रुकना स्वीकार ही  नहीं किया. यही कारण है कि  ऐसे लोगों के लिए सफलता के दरवाजे हमेशा खुले रहे.
यह बात भी सही है कि सफल लोग भी अपने जीवन में कभी असफल हुए हैं, लेकिन सीखने वाली बात यह है कि ऐसे लोगों ने असफलता से हमेशा शिक्षा ली.
हमें हर वक़्त याद रखना चाहिए कि हमारा जीवन अनमोल है. इसका हर पल  कुछ सीखने या करने के लिए है. अनुसरण के  मायने में हमें मधुमक्खी और मकड़ी से शिक्षा लेनी चाहिए.
जिस प्रकार  मधुमक्खी एक-एक  कण  जोड़कर अपना छत्ता बनाती है और मकड़ी गिर- गिर कर फिर ऊपर चढ़ती  है.उसी प्रकार हमें अपने जीवन में कभी निराश एवं हताश  नहीं होना चाहिए
5. दूसरों के प्रति संवेदना रखें-
एक बेहतर इंसान बनने के लिए स्वयं को दूसरों की जगह रखकर सोचने वाला भी बनना पड़ता है. ऐसे लोगों की अपनी पर्सनैलिटी में उदारता और सहभागिता जैसे गुणों को भी विकसित करना पड़ता है.
सालों पहले ईसा मसीह के कहे शब्द आज भी उतने ही प्रभावशाली लगते हैं कि, अगर इंसान को अपने जीवन काल में जरा भी खुशी हासिल करना है तो उसे न सिर्फ अपने लिए बल्कि दूसरों के लिए भी चीजें बेहतर बनाने के बारे में सोचना चाहिए.
6. भगवान के प्रति पूरी निष्ठा रखें-
शास्त्रों में कहा गया है कि कोई भी चीज बांटने से कभी कम नहीं होती बल्कि वह बढती ही है. भगवान ने हमें धरती पर अच्छे काम करने के लिए ही भेजा है. इसलिए हमको खुद से प्यार करने के साथ दुसरे लोगों से प्यार बांटना भी चाहिए. तो दोस्तों  खुद से  प्रेम करने के साथ दुसरो के साथ प्रेम बांटते रहिए और  बिना पैसे का जादू चलाते रहिए तथा दूसरे का दुख दूर करते रहिए.
तो दोस्तों हमारा आज का यह पोस्ट आपको कैसा लगा आप हमें कमेंट करके जरुर बताएं एवं इस पोस्ट को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को शेयर जरुर कीजिए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस पोस्ट को पढ़ सकें.धन्यवाद्.

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