Sunday, 6 January 2019

जानिए आपके खान-पान में क्यों जरूरी है विभिन्नता

नमस्कार, दोस्तों कई रिसर्च  में सामने आया है कि हेल्दी बॉडी के लिए डाइट में विभिन्नता होना बहुत जरूरी है, डॉ बी डाइट में अलग-अलग चीजें शामिल करने की सलाह देते हैं, क्योंकि बैक्टीरिया का बॉडी में अलग-अलग रोल है, कई बैक्टीरिया ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद करते हैं तो कई इन्फ्लेमेशन पर नजर रखते हैं. खासकर फ्रेश फ्रूट्स ओर वेजिटेबल्स के संबंध में.
तो दोस्तों चलिए जानते हैं इस विभिन्नता की अहमियत-

1. बना रहे न्यूट्रिएंट्स का बैलेंस- 
फ्रेंड्स हमारे बॉडी को हेल्दी रहने के लिए अलग-अलग न्यूट्रिएंट्स की जरूरत होती है अगर हम एक ही तरह का खाना रोज खाएंगे तो किसी एक न्यूट्रिएंट्स की क्वांटिटी बॉडी में जरूरत से ज्यादा भी हो सकती है और यह बॉडी को नुकसान पहुंचा सकता है. चाहे बच्चे हो या बड़े, अलग-अलग तरह की चीजें खाने से बॉडी को जरूरी न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं. बच्चों की ग्रोथ के लिए खाने में वैराइटी होना बहुत जरूरी है.
2. डाइजेशन में परेशानी-
रोज एक जैसा डाइट लेने वालों में अक्सर देखा जाता है कि उनका डाइजेशन कमजोर हो जाता है और मैं पेट से जुड़ी दिक्कतें होने लगती हैं. इस दौरान अगर वह कोई नई चीज खाते हैं तो वह ठीक से उन्हें पता नहीं पाते और उनका पेट खराब होने के चांस बढ़ जाते हैं. आपने अक्सर सुना होगा कि नई चीज हमें ज्यादा नहीं खानी चाहिए. इसलिए धीरे - धीरे खाएं और एक बार में एक ही नई चीज को बॉडी से इंट्रोड्यूस कराएं. यह खासकर उन लोगों के लिए है जो हर रोज एक ही डाइट फॉलो करते हैं.
3. नहीं बना पाते जरूरी बैक्टीरिया-
कई लोगों को एक ही तरह का खाना खाने की आदत तब लगती है जब वे डाइटिंग कर रहे होते हैं. पर लिमिटेड डाइट से ' गट माइक्रोबायोटा' इंबैलेंस हो सकता है. दरअसल, अगर आप आज कुछ ऐसा खाते हैं, जिससे आपकी बॉडी को सभी न्यूट्रिएंट्स ना मिले हो, तो अगले दिन कुछ और  खाकर उसकी कमी पूरी की जा सकती है, लेकिन अगर आप वही चीज हर रोज खाते हैं, तो ' गट माइक्रोबायोटा' इंबैलेंस हो सकता है यानी आपकी बॉडी में लिमिटेड बैक्टीरिया ही पैदा होते हैं और बॉडी की पूरी हेल्थ इंबैलेंस हो जाती है. बैक्टीरिया बॉडी की intestine या  गट  में डेवलप होते हैं और एक ही डाइट से कई बैक्टीरिया पैदा ही नहीं हो पाते.
अगर एलर्जी है तो-
वे लोग जिन्हें खाने की कुछ चीजों से एलर्जी होती है, अगर वे एक ही डाइट प्लान फिक्स कर ले, तो उनकी दिक्कत कम नहीं होगी बल्कि बढ़ जाएगी. डॉक्टर कहते हैं कि ऐसे लोगों को अपनी डाइट में अलग-अलग चीजें इंट्रोड्यूस्ड करनी चाहिए. क्योंकि ऐसा करने पर भी एक ही चीज रोज नहीं बल्कि कुछ गैप के बाद खाएंगे तो इस प्रकार उन्हें एलर्जी होने के चांस काफी कम हो जाएंगे.
5. हो सकती है सीरियस प्रॉब्लम-
फ्रेंड्स एक ही तरह की डाइट कुछ टाइम के बाद बोरिंग लगने लगती है, इसके चलते आपको वजन कम करने में परेशानी हो सकती है. दरअसल, हेल्दी वेट के लिए गट में अलग-अलग बैक्टीरिया का पैदा होना जरूरी है और एक जैसी बोरिंग डाइट के चलते ज्यादा बैक्टीरिया पैदा नहीं हो पाते. जिससे कई सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती है, जैसे कि डायबिटीज. क्योंकि अलग अलग बैक्टीरिया का हमारी बॉडी में अपना अलग-अलग रोल है. कई बैक्टीरिया ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद करते हैं, तो कई इन्फ्लेमेशन पर नजर रखते हैं.
तो दोस्तों अब आपने समझ ही लिया होगा कि हमारे खान-पान में वैराइटी का कितना महत्व है, इसलिए आप अपने दैनिक खानपान में नियमित रूप से विभिन्न खाद्य पदार्थों का आज से ही उपयोग करना शुरू कर दें.
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4 comments

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