Thursday, 26 September 2019

salad recipes in hindi | Salad Recipes| Top 5 Salad Recipes | पौष्टिक सलाद रेसिपी

नमस्कार, दोस्तों सालों से हमारे भोजन के मेज़ को पूरा करती आयी है सलाद. विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे फलों और सब्जियों के साथ बनने वाली सलाद अब एक कदम आगे बढ़ चुकी है.
अब सजावट के साथ ही सलाद के फ्लेवर को और अधिक बढ़ाने  पर जोर दिया जा रहा है, जो हमारे खाने को और अधिक जायकेदार और स्वास्थ्यवर्धक बना रहा है.
आजकल मध्यम आय वर्ग के लोगों के साथ ही दुनियाभर के तमाम शेफ भी सलाद के साथ कर रहे हैं नए- नए प्रयोग.
मित्रों आपने अक्सर सुना होगा कि, हर वह चीज जो सेहत के लिए लाभदायक होती है, वह स्वाद में उतनी बेहतर नहीं होती.
ऐसे में अगर आपको बताया जाए कि सेहत का एक खजाना ऐसा भी है जिसे हम रोज खाने की मेज पर सजाते हैं और जो अपने साथ स्वाद का बेमिसाल भंडार भी लिए हुए हैं, तो इस बात पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल होता है.

सलाद उसी खजाने का रंग-बिरंगा सेहत एवं स्वाद  से भरा हुआ रूप होता है. तभी तो इन दिनों इसमें तरह-तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं.
इसके साथ ही सलाद को और सेहतमंद बनाने के लिहाज से तमाम स्वास्थ्यवर्धक सामग्रियों को भी इसमें शुमार किया जा रहा है.
इसके विभिन्न  स्वरूप खास से लेकर आम आदमी की प्लेट तक बड़ी सहजता  से अपनी जगह बना चुके हैं.
क्या आपको पता है कि 250 ग्राम  मिक्स्ड वेज  सलाद में 137 कैलोरी  होती है.
                           

हाल ही में ग्लोबल सलाद ड्रेसिंग मार्केट 2019 की एक रिसर्च के अनुसार पिछले कुछ सालों में सलाद ड्रेसिंग को लेकर नए- नए प्रयोग हो रहे हैं, जिनको अपनाने के प्रति लोगों के रुझान में भी काफी तेजी आई है.

इस वैश्विक स्तर पर हुए शोध में सामने आया कि मध्यमवर्गीय परिवार भी अब सामान्य सलाद  से हटकर किमची सलाद, मंचूरियन सलाद जैसे विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं.
इसके अलावा पास्ता सलाद, शीशम नूडल सलाद आदि भी हैं जो स्वास्थ्य के साथ ही स्वाद का तड़का लगाने में महती भूमिका निभा रहे हैं.

दरअसल इस तरह के सलाद में मिलने वाले ढेरों विकल्प खाने वाले के स्वाद को दोगुना कर देते हैं जिसके कारण लोग उसको बहुत तेजी से पसंद कर रहे हैं.

दोस्तों सलाद में फ्रेश सामग्रियां, सुगंधित मसालेदार हर्ब्स, तेल व शानदार सजावट इसे आम से खास बना देती है.
सलाद रंगीन, पेट भरने वाली और पौष्टिक तीनों गुणों से भरपूर होती है जिसके कारण लोग इसके तरफ यूँ ही  खीचे चले आते  हैं.

दोस्तों आज  हमने ऐसे ही 5 तरह के खास सलाद हैं जिन्हें आजकल बड़े -बड़े होटलों एवं रेस्त्रां से लेकर घरों में खूब चाव से पसंद किया जा रहा है जो कि निम्न है-

1. इजराइली सलाद-
छोटे व समान आकार में काटे गए टमाटर, प्याज, खीरा और शिमला मिर्च को एक साथ मिलाकर वेजिटेबल ऑयल से सीजन कर तैयार की गई यह सलाद इजराइल की राष्ट्रीय डिश मानी जाती है और इजराइल के साथ-साथ दुनिया भर में इस समय बहुत ज्यादा लोगों के बीच पसंद की जा रही है.

2. इस्पाइरलाइज्द जुकीनी व कैरेट सलाद-
स्पाइरल कट की गई जुकीनी और गाजर को मूंगफली के तेल व सोया सास की सजावट कर बनाई जाने वाली इस ताजे सलाद को और खास बनाता है.
ब्राउन शुगर और बारीक कटी हुई अदरक, मिर्च का इस्तेमाल जोकि हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है.

3. क्रंची रिबन सलाद- इस तरह के सलाद में सब्जियों को एक खास अंदाज में काटा जाता है, जिससे कि यह रीबन की तरह पतली और लंबी दिखने लगती हैं.
दोस्तों क्रंची रिबन सलाद आजकल दुनिया भर में तेजी से लोगों के खाने के साथ परोसा जा रहा है जोकि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी है.

4. किमची सलाद- 
दोस्तों दुनिया के लोगों को कोरिया की देन किमची सब्जियों और मसालों से तैयार होने वाली बेहतरीन डिश है.  इसमें पत्तागोभी, अदरक, लहसुन, गाजर, तिल, काली मिर्च आदि सब्जियों व चुनिंदा मसालों के साथ वेजिटेबल ऑयल से तैयार यह फर्मेंटेड सलाद सामान्य खाने के अलावा नूडल्स का स्वाद भी बढ़ा देती है.
जोकि काफी स्वास्थ्यकर भी होती है.

 5.ग्रीक सलाद-
ग्रीक सलाद टमाटर, खीरा, प्याज, पनीर और ऑलिव के टुकड़ों को नमक, ग्रीक माउंटेन ऑरेगैनो व ऑलिव ऑयल के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है.
यह सलाद ग्रीक कूजीन  का हिस्सा होता है जोकि आजकल बड़े-बड़े रेस्त्रां और होटलों में बहुत तेजी से लोगों को परोसा जा रहा है. इस प्रकार का सलाद स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत हेल्दी माना जाता है.

तो दोस्तों अब तो आपने सलाद के बारे में काफी कुछ जान लिया होगा. आशा करता हूं कि आप भी अपने भोजन में रोजाना सलाद को शामिल करेंगे और लोगों को भी सलाद खाने के फायदे के बारे में बताएँगे,  जिससे लोग सलाद का उपयोग करें और अपने शरीर  को स्वस्थ बनाएं.
दोस्तों अगर यह पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इस पोस्ट को लाइक एवं कमेंट जरूर कीजिए एवं  अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ शेयर जरूर कीजिए ताकि दूसरे लोगों को भी सलाद खाने के फायदे के बारे में पता चल सके. धन्यवाद. 
>

Sunday, 4 August 2019

ईश्वर की कृपा | God bless | what is god bless

नमस्कार मित्रों, इस संसार का प्रत्येक मनुष्य परमात्मा की कृपा दृष्टी प्राप्त करना चाहता है. विशेष रूप से वह जब दुखों के सागर में निमग्न होता है तथा अपने आप को असहाय महसूस करता है. तब उसका झुकाव परम सत्ता परमात्मा की ओर होता है.
ईश्वर की कृपा सब पर अचानक यूँ ही नहीं हो जाती. ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए मनुष्य को स्वयं को उचित पात्र बनाना पड़ता है.
ईश्वर तो कृपा का अगाध सागर है , लेकिन उसकी अनुकम्पा से वंचित रहने का कारण हमारी अपनी ही विकृतियाँ होती हैं.
                               
ईश्वर की समीपता का लाभ मनोभूमि को पवित्र बनाये बिना संभव नहीं हो सकता. हमारी दुष्ट एवं तामसिक प्रवृतियाँ प्रभु कृपा प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा है.
जिस प्रकार धुधले दर्पण में मुह दिखाई नहीं देता तथा गंदे नाली की तली में पड़ी हुयी वस्तु ओझल रहती है ठीक उसी प्रकार अन्तः करण की मलिनता के कारण हमारी आत्मा मुर्छित पड़ी रहती है एवं  वासना तथा तृष्णा के आवरण आँखों पर पट्टी बांधे रहते हैं . लोभ तथा अत्यधिक आशक्ति रूपी रस्सी मनुष्य के  मानस पटल को इस प्रकार जकड़े रहती है कि  उसे प्रभु अनुकम्पा प्राप्त हेतु पात्र बनने ही नहीं देती.
आत्मिक परिस्कार के बिना प्रभु अनुग्रह प्राप्त होना असंभव है. जप, तप, साधना अन्तः करण पर पड़े मलिन संस्कारों को दूर करने की विधियाँ हैं.
दुष्ट प्रवृतियों से स्थूल शरीर ,दुर्बुद्धि से सूक्ष्म  शरीर में तामसिक प्रवृतियां भर जाती हैं, और समूचा व्यक्तित्व पतन के गर्त में जा गिरता है. इसी दुर्गति के दलदल में धसकर मनुष्य प्रभु कृपा से वंचित रह जाता है.
कठोर चट्टान पर लगातार वर्षा होते हुए भी हरियाली उत्पन्न नहीं होती . इसमें बादलों से अनुरोध करना व्यर्थ है, क्योकि इसके लिए चट्टान को ही कोमल रेत में बदलना होगा .
ठीक इसी प्रकार मनुष्य को भी अपनी मनोभूमि को पावन बनाना होगा. तामसिक तथा कुसंस्कारो की जो परत हमारे अन्तः करण पर चढ़ गयी है ,वही आत्मा तथा परमात्मा के दर्शन में सबसे बड़ी बाधक है.
मनुष्य विवेकशील प्राणी है . नर से नारायण , पुरुष से पुरुषोत्तम एवं लघु से महान बनने का एक ही उपाय हमारे अन्तः करण की पवित्रता है .
इसलिए शुद्ध अन्तः करण से मनुष्य प्रभु के अनुग्रह का पात्र बनता है . ऐसे सात्विक पुरुष को ही प्रभु की अनुकम्पा प्राप्त होती है.
मित्रों हमारा आज का यह पोस्ट आपको कैसा लगा , हमें कमेंट करके जरुर बताईये . अगर यह पोस्ट आप लोगों को पसंद आयी हो तो इस पोस्ट को अपने मित्रों एवं रिश्तेदारों को शेयर करना न भूलें. धन्यवाद.
>

Saturday, 3 August 2019

समर्पण | Dedication | what is dedication

नमस्कार दोस्तों, खुद की काबिलियत पर संदेह करना मनुष्य की स्वभाविक कमजोरियों में शुमार किया जाता है. मानव जीवन का यह अवगुण उसे अपने जीवन के किसी भी क्षेत्र में  सफलता पाने की राह में सबसे बड़े अवरोध के रूप में काम करता है. क्योंकि जब हम खुद ही अपने सफलता के बारे में विश्वस्त  नहीं होते हैं तो  कामयाबियों  सफर में हम बड़ी तेजी से आगे नहीं बढ़ पाते हैं.
ऐसी दशा में हमारे बढ़े हुए कदम सहसा  ठहर जाते हैं और शिद्दत से देखे  हुए  सपनों का हम खुद ही गला घोंट देते हैं.
                               
दोस्तों  सोच कर देखिए जिस कार्य को आप कर रहे हैं, या करने की योजना बना रहे हैं. उस कार्य के बारे में आपको यह दुविधा सता रही है कि, इस कार्य में आप सफल होंगे भी या नहीं, तो इस प्रकार  इस कार्य में हम अपना अमूल्य समय ही गवा रहे होते  हैं.
इसलिए यह आवश्यक है कि हमें अपने लक्ष्यों या सपनों के प्रति पूरी तरह से समर्पित तथा निष्ठावान होना चाहिए.
और मन में हमेशा यह  अडिग  विश्वास रखना चाहिए कि खुद में अंतर्निहित क्षमता के फल स्वरुप हम अपने प्रयास और प्रयोजन में हम अवश्य ही सफल होंगे.
सच पूछिए तो यहां एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह उठता है कि आखिर हमारे जीवन में दुविधा ही उत्पन्न क्यों होती है?
इस सत्य से इंकार करना कदाचित आसान नहीं होगा कि दुविधायें  या संशय  आत्मविश्वास में कमी के कारण उत्पन्न होती है.
जब हमें यह लगता है कि हम जिस लक्ष्य की प्राप्ति के तरफ आगे बढ़ रहे हैं और उसमें सफल होना आसान नहीं है, क्योंकि हमारे अंदर उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अनिवार्य योग्यता  का अभाव है तो  इस स्थिति हमारे पैर उस लक्ष्य  में डगमगाने लगते हैं.
हमारा आत्मविश्वास कमजोर पड़ने  लगता है. इस प्रकार  फिर हम उन सपनों को पूरा करने की कोशिश तो करते हैं, किंतु उसके लिए पूरी तरह से समर्पित नहीं हो पाते.
इस प्रकार हमारी संसाधन और बेशकीमती समय बिना किसी उपलब्धि के बर्बाद हो जाते हैं.
इसलिए कहा गया है कि एक बार हम अपने जीवन में जो भी लक्ष्य निर्धारित कर लें  तो फिर उसे प्राप्त होने के बारे में कभी भी किसी भी  इ प्रकार की संदेह या नकारात्मक विचार नहीं करना चाहिए.
हमें खुद की क्षमता में अटूट विश्वास रखना चाहिए और फिर आप देखेंगे कि  आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है ,परंतु उसके लिए हमें  सबसे पहले सभी आवश्यक सूत्रों  को आत्मसात करना होगा.
तो मित्रों आज का हमारा यह आर्टिकल आपको कैसा लगा , आप हमें कमेंट करके जरुर बताइए . अगर यह आर्टिकल आप लोगों को पसंद आयी हो तो इस आर्टिकल को आप अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों को शेयर जरूर कीजिए .धन्यवाद्.
>

जीवन चेतना | what is life consciousness | life consciousness

नमस्कार दोस्तों, प्रत्येक  मनुष्य के अंदर अनंत शक्तियों का भंडार होता है किंतु अधिकांश मनुष्य इस अनंत शक्तियों  के भंडार का सदुपयोग नहीं कर पाते हैं. उनकी यह अनंत शक्तियां सोयी  ही रहती है.
यहां तक कि उनके जीवन की अंतिम घड़ी भी आ जाती है लेकिन वह अपनी सोई हुई शक्तियों को नहीं जगा पाते हैं.
जीवन का यथार्थ यह है कि अधिकांश लोग ऐसे होते हैं, जो ईश्वर द्वारा प्रदत अपनी  इन अनंत शक्तियों  और असीमित संभावनाओं के बारे में विचार तक नहीं करते हैं.
                             

ऐसे लोग अपने जीवन की शक्ति का हजारवां  हिस्सा भी उपयोग नहीं कर पाते हैं. हां कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने जीवन की चौथाई या आधे हिस्से का उपयोग करने में सफल हो जाते हैं. लेकिन ऐसे लोगों की संख्या ना के बराबर है.
इस प्रकार से हमारी बहुत सी शारीरिक और मानसिक शक्तियों का प्रयोग आधा- अधूरा  भी नहीं हो पाता है.
इसी कारण मनुष्य अपने स्वयं के आत्मा के समक्ष हीन भावना के साथ जीवन व्यतीत करता है.
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह अपनी आत्मा  को अपने शरीर की अग्नि के प्रकाश से प्रकाशित नहीं कर पाता है. इस प्रकार  उसके शरीर की अग्नि उसके  शरीर में बुझी- बुझी सी जलती है.
व्यक्ति का सक्रिय और संरचनात्मक जीवन ही उसे इस स्थिति से उबार सकता है.
यदि कोई मनुष्य स्वयं ही  दीन -हीन  बना रहता है तो उसके लिए इससे बड़ा पाप कोई दूसरा नहीं होगा.
व्यक्ति का सार्थक प्रयास किसी भी कठिनाई को आसान बना देता है, इसलिए हर एक व्यक्ति को प्रयास करने की  मनोभावना को विकसित करने की आवश्यकता है.
हमारे स्वयं के प्रयास ही हमें वहां पर पहुंचा देते हैं जहां पहुंचकर हमें किसी की मदद की आवश्यकता नहीं रह जाती है. हमें इस प्रकार के प्रयासों के प्रति सदैव सजग रहने की आवश्यकता है.
जिस प्रकार जमीन को खोदने पर जल स्त्रोत मिलते हैं, ठीक  उसी प्रकार से जीवन को खोजने से शक्ति स्त्रोत की प्राप्ति होती  है.
इसलिए जिस मनुष्य को अपने आप की पूर्णता अनुभव करनी होती है, वह सदैव सकारात्मक रूप से सक्रिय सजग और सतर्क रहता है.
जबकि  अन्य लोग सोच विचार और तर्क - वितर्क में ही उलझे रहते हैं.
 सकारात्मक व्यक्ति अपने विचारों को क्रियात्मक रूप में परिणीत कर लेते हैं.
तो दोस्तों हमारा आज का आर्टिकल आपको कैसा लगा , आप हमें कमेंट करके ज़रूर बताइए . अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आयी हो तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों को जरुर शेयर कीजिए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस पोस्ट को पढ़ सकें .धन्यवाद्.  
>

कर्मफल | Result | what is result

नमस्कार  दोस्तों, जैसा कि हम सब जानते हैं कि हमारा  जीवन एक यात्रा है . हमारे  शरीर का अंत हो जाता है लेकिन आत्मा तत्व का नहीं . आत्मा तत्व प्रत्येक जन्म में अपनी यात्रा करता है . नया काया, नए माता- पिता, नयी जगह, नए नाम और पूर्व संस्कारो से प्राप्त कुछ विकारो को लेकर इस आत्म तत्व की यात्रा चलती रहती है.
कुछ गुण तो कुछ दुर्गुणों की मिलावट के साथ एक नयी यात्रा पुनः प्रारंभ होती है. इस सम्पूर्ण यात्रा में हमारा ध्येय सिर्फ कर्म करना है.
रामचरितमानस में तुलसीदास  जी ने कहा है कि, यह विश्व कर्म प्रधान है. इसलिए मनुष्य को कर्म करना ही है.
हर पल  कर्म करना है.
इस सन्दर्भ में ध्यान देने वाली बात यह है कि, जब हम कर्म नहीं करते तब  हमारी इन्द्रियां , मस्तिस्क और हमारी कल्पनाएं कार्य करती रहती हैं.
                               
समस्त शारीरिक एवं मानसिक कर्मो के अच्छे बुरे स्वरुप के कारण हमें शुभ  एवं अशुभ कर्मो का फल भोगना ही होगा.
प्रायश्चित करने से और कभी भी पाप न करने जी दृढ़ता पर अडिग रहने से हम कर्मफल के नकारात्मक प्रभाव से हम बच सकते हैं.
जैसा की हम सब जानते हैं कि, कर्म का फल अवश्य मिलता है , भले ही यह देर से मिले.जिस अनुपात में हम जैसा भी कर्म करते हैं,ठीक उसी अनुपात में हमें इसका फल भी मिलता है.
इस प्रकार हम जो भी कर्म करते हैं , उसका फल अवश्यम्भावी है. पूर्वकृत कर्म पीछा नहीं छोड़ते .
हमें किसी न किसी जन्म में इसे भोगना ही पड़ता है.
अपने किये गए कर्मो से ही प्रत्येक मनुष्य उठता है और गिरता भी है.
हम बचपन से ही यह कहावत सुनते आ रहे हैं , " बोया पेड़ बबूल का आम कैसे होय". 
फिर भी मानव अगर प्रयास करे तो वह अशुभ कर्मो से बच सकता है. वह ईश्वर से प्रार्थना कर वह अशुभ  कर्मो से बचने का  प्रयत्न कर सकता है.
वेदों का एक प्रमुख सार - तत्व है , हे ईश्वर हमें सब बुराइयों से दूर रख कर अच्छाइयो की तरफ पप्रवृत्त करो.
इस प्रकार संसार रूपी कर्मभूमि में हमें  सदा अच्छे कर्मो  को करने का प्रयास करना चाहिए .
इस प्रकार हम जब बार- बार प्रार्थना करेंगे एवं शुभ कार्यो को करने के लिए दृढ़ संकल्पित होंगे तो ईश्वर हमारा साथ अवश्य देंगे . इस स्थिति में हम हमेशा शुभ कार्य करेंगे .
इस प्रकार जब हम शुभ कार्य करेंगे तब इसका फल भी हमें शुभ ही मिलेगा . जब हम अपनी इस जीवन यात्रा को समाप्त कर  इस संसार से विदा लेंगे , तब  हमारे साथ कुछ न होगा . यदि कुछ होगा भी तो वे हमारे भले एवं बुरे कर्म ही होंगे , जिनका फल हमें निश्चित रूप से भोगना पड़ेगा .
तो दोस्तों हमारा आज का यह पोस्ट आपको कैसा लगा , आप हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं , अगर यह पोस्ट आपको पसंद आया हो तो आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों को जरुर शेयर कीजिए , जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस पोस्ट को पढ़ सकें. धन्यवाद्.
>

Tuesday, 18 June 2019

जानिए क्या है हाइपरटेंशन | what is hypertension | Hypertension in hindi

नमस्कार दोस्तों, हाइपरटेंशन जिसे उच्च रक्तचाप के रूप में भी जाना जाता है. आज के समय में यह एक चिंता का विषय है. यह धमनी पर पड़ने वाला रक्त का दबाव है.
दोस्तों हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर (Silent Killer) के रूप में भी जाना जाता है. क्योंकि इसके कोई लक्षण नहीं होते हैं.
ज्यादातर मामलों में पाया गया है कि उसकी ओर किसी का ध्यान भी नहीं जाता. ऐसे में इस बीमारी से दिल का दौरा और स्ट्रोक भी हो सकता है.
 दोस्तों इस  तरह की परेशानियों को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका हमारे स्वस्थ आहार को बनाए रखना है. यदि हमारा रक्तचाप अधिक है, तो हमें  अपने आहार में हम उन चीजों को शामिल करना सबसे अच्छा रहता है जो हमारे  रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं.
 नीचे कुछ चीजें दी गई है जिन्हें आप अपने दिनचर्या में शामिल करके  हाइपरटेंशन से अपने आप को बचा सकते हैं.
1. लहसुन-
 उच्च रक्तचाप के लिए लहसुन बहुत फायदेमंद साबित होता है. क्योकि  लहसुन में सल्फर युक्त योगिक होते हैं, जैसे Alisin,dylil-dyd sulphaiऔर Dylil-trisulphaid जो रक्तचाप को कम करने के लिए फायदेमंद साबित होते हैं.
                                 
अध्ययनों से यह भी पता चला है कि लहसुन  उच्च रक्तचाप वाले  लोगों के  धमनी में कठोरता, सूजन और अन्य हृदय संबंधी विकारों में सुधार करने की क्षमता रखता है.
2. अनार-
 अनार में उच्च रक्तचाप को कम करने के कई लाभकारी गुण होते हैं. जैसे एंटी ऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण.
दोस्तों  अनार के रस का नियमित सेवन करने से रक्तचाप और असंतृप्त वसा के स्तर को कम करने में मदद मिलती है.
3. चुकंदर-
 चुकंदर एंटी ऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल से भरपूर है. यह  हमारे  प्रतिरक्षा तंत्र को स्वस्थ बनाता है.
 चुकंदर खाने के बहुत सारे लाभ हैं. यह  रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है.
 फाइटोकेमिकल और एंटी ऑक्सीडेंट की उपस्थिति भी उच्च रक्तचाप और कुछ अन्य बीमारियों जैसे स्थितियों से बचाव में मदद करती है.
 एक गिलास चुकंदर का रस रोज पीने से  रक्तचाप कम करने में मदद मिलती है.
4. पोटेशियम वाले आहार-
 पोटेशियम मांसपेशियों के कार्य के लिए महत्वपूर्ण है. जिसमें रक्त वाहिकाओं को आराम देना शामिल है.
 यह मांसपेशियों को एंठने  से बचाता है और रक्तचाप को कम करता है.
 सूखा आलूबुखारा, खुबानी ,मीठे आलू और लिमा बींस जैसे खाद्य पदार्थ पोटैशियम  के प्राकृतिक स्रोत हैं. लेकिन ऐसे मामलों में जब आप उच्च रक्तचाप के लिए हाइड्रोक्लोरोथियाज़ायिड जैसे  कुछ दवाएं  लेते हैं तो ज्यादा पोटेशियम वाली खाने की चीजें आअखने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती है.ऐसे समय हमें डॉक्टर की सलाह जरुर लेना चाहिए.
5. मैग्नीशियम युक्त आहार-
 हाल ही के  कुछ शोधों के अनुसार मैग्नीशियम उच्च रक्तचाप वाले  लोगों में रक्तचाप को कम पर सकता है. मैग्नीशियम एक मिनरल होता है जो हमारे शरीर में भरपूर मात्रा में पाया जाता है.
यह फाइबर वाले खाने एवं  डाइटरी सप्लीमेंट्स में उपलब्ध है.
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे कि पालक, फलियाँ, नट, बीज  और साबुत अनाज जैसी  खाने की चीजें मैग्नीशियम के स्रोत हैं.
रक्तचाप ऐसी सौ प्रणालियों में से एक है, जिन्हें मैग्नीशियम  विनियमित करने में मदद करता है.
दोस्तों हमारा आज का यह पोस्ट आपको कैसा लगा आप हमें कमेंट करके जरूर बताइए अगर यह पोस्ट आपको पसंद आई हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ शेयर करना ना भूले जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग ऊपर बताये गए तरीकों से अपने आप को उच्च रक्तचाप से दूर रख अपने जीवन को आनन्द दायक बना सकें. धन्यवाद. 
>