Friday, 13 December 2019

भारत के टॉप 5 न्यूज़ एंकर 2019 | Top 5 news anchors of India 2019

 नमस्कार दोस्तों, आजकल हर व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने में रहते हुए किसी भी न्यूज़ को सबसे पहले सुनना एवं इसके बारे में जानना चाहता  हैं.
दर्शकों के इसी इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए न्यूज़ एंकर  हमेशा सचेत रहते हैं. इसके लिए  न्यूज़ टीवी चैनल के सारे पत्रकार  दूसरे पत्रकारों को देश  एवं दुनिया के हर छोटे- बड़े  शहरों में फैलाए रहते हैं, जिसके द्वारा  वे किसी भी घटना को अति शीघ्र दर्शकों तक पहुंचाते हैं.
जैसा कि आप सब जानते हैं कि न्यूज एंकर और दर्शक ये  दोनों ही वह महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिसके बिना किसी  न्यूज़ चैनल की कल्पना भी नहीं की जा सकती है.
मित्रों आज के इस पोस्ट में हम आप लोगों को भारतीय टीवी के कुछ ऐसे ही टॉप न्यूज़ एंकर के बारे में बताने वाले हैं जो अपने एंकरिंग के वजह से पुरे देश में लोकप्रिय हैं. तो चलिए शुरू करते हैं-

1. रजत शर्मा-  इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं भारत के सबसे सीनियर जर्नलिस्ट में से एक जो पिछले 25 वर्षों से अपने लोकप्रिय शो "आप की अदालत" को होस्ट कर रहे हैं.
 एक पत्रकार, एंकर होने के साथ-साथ  न्यूज़ वर्ल्ड कस्टर्ड एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी हैं.
 ये अपने मशहूर टीवी शो आप की अदालत में आने वाले मेहमानों को अपने सवालों से कई बार कंफ्यूज कर के  रख देते हैं.
                                             
इसके अलावा वर्तमान समय में यह "आज की बात रजत शर्मा के साथ" में भी समाचार पढ़ते हुए देखे जाते हैं.
दोस्तों अगर इनकी सैलरी देखा जाए तो ये  हर महीने लगभग दो करोड़ रुपए कमाते हैं.

2. राजदीप सरदेसाई-  ये  India Today group के सबसे वरिष्ठ  परामर्शदाता पत्रकार हैं. इनका जन्म गुजरात के अहमदाबाद में हुआ है.
 अगर बात शिक्षा की की जाए तो इन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा ग्रहण की है.
 यह एक न्यूज़ एंकर, सीनियर एडिटर के रूप में  कार्य कर रहे हैं. इनकी जबरदस्त प्रतिभा के कारण इन्हें "पद्मश्री" अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है.
 जहां तक इनके  इनकम  की बात है तो यह 1 वर्ष में 10 करोड़ रुपए कमा लेते हैं.

3. सुधीर चौधरी-  दोस्तों जब भी हम सुधीर चौधरी जी की बात करते हैं तो तुरंत हमारे मस्तिष्क में इनका सर्वाधिक लोकप्रिय शो "DNA(Daily News Analysis)"  अनावश्यक ही घुमने लगता है.
वैसे ये खयाल आये  भी क्यों ना,  क्योंकि इनका यह शो है ही इतना शानदार.
इनके लाइव शो DNA  में ये  किसी एक ट्रेंडिंग टॉपिक के ऊपर तथ्यों को बहुत अच्छे से एनालिसिस करते हैं, जो कि दर्शकों को बहुत पसंद आता है.
                                                     

आपको बता दें कि सुधीर चौधरी एक  बेबाक व निडर पत्रकार के रूप में भी जाने जाते हैं. ये एक  भारतीय पत्रकार होने के साथ-साथ न्यूज़ चैनल "Zee News" के प्रधान संपादक भी  हैं.
इन्हें वर्ष 2017 में "ज़ी मीडिया कारपोरेशन लिमिटेड" द्वारा अंग्रेजी समाचार वर्ल्ड वन न्यूज़ और जी बिजनेस के प्रधान संपादक के रूप में भी चुना जा चुका है.
इसके पहले ये  लाइव इंडिया के संपादक एवं एमआई मराठी समाचार चैनल के लिए भी काम कर चुके हैं.
इन्होंने कई राजनेताओं जैसे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली, फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार सरीखे लोगों का लाइव इंटरव्यू भी लिया है और वर्तमान में भारत के सबसे प्रसिद्ध न्यूज़ एंकर के रूप में भी जाने जाते हैं.
अगर इनके समाचार चैनल से होने वाले इनकम की बात की जाये तो यह  एक महीने का 25 लाख रूपये है.

4. अंजना ओम कश्यप-  अपने बेबाक एंकरिंग के लिए मशहूर अंजना ओम कश्यप Aaj Tak  की यह एक लोकप्रिय टीवी पत्रकार हैं.
यह अपने लाइव डिबेट शो "हल्ला- बोल" की वजह से अक्सर सुर्खियों में रहती हैं.
 इन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत सन 2003 में की थी और उस वक्त अंजना Zee News  के लिए कार्य करती थी.
मित्रों अंजना ओम कश्यप भारत की एक बहुत प्रतिभाशाली पत्रकार मानी जाती हैं. Zee News  के अलावा इन्होंने News-24 के  उप कार्यकारी निर्माता के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं.
हाल ही में इन्हें भारत की "सर्वश्रेष्ठ न्यूज़ एंकर" का खिताब से भी नवाजा जा चुका है. इसके अलावा लोकसभा चुनाव के समय अपने लोकप्रिय शो "राजतिलक" से भी काफी चर्चा में रहती हैं.
अगर सैलरी की बात की जाए तो यह पत्रकारिता से  9 लाख रुपए प्रति महीना तक कमा लेती हैं.

5. श्वेता सिंह-  मित्रों श्वेता सिंह न्यूज़ चैनल Aaj Tak की एक लोकप्रिय एंकर हैं.  इन्होंने पटना विश्वविद्यालय से स्नातक करने से पहले ही न्यूज़ एंकरिंग के कैरियर में कदम रख चुकी थी.
 यह अपने प्रसिद्ध शो  "श्वेत-पत्र" से बहुत लोकप्रिय हो गई.
 दोस्तों श्वेता जी एक बहुत ही प्रतिभा संपन्न पत्रकार हैं. आज जब भी कोई विधानसभा या लोकसभा का चुनाव आता है तो यह भारत के लगभग सभी हिस्सों में पहुंच ही जाती हैं.
 सन 2002 में Aaj Tak के लिए काम करने से पहले यह जी न्यूज़ एवं सहारा के लिए भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं.
मित्रों श्वेता सिंह खबरों को अपने एक अलग अंदाज में प्रस्तुत करती  हैं, जो कि दर्शकों को बहुत पसंद आता है. अगर बात सैलरी की कि  जाए तो यह हर महीने 8 लाख रूपये  लेती हैं. वर्तमान में बिहार की यह होनहार बेटी Aaj  Tak  के लिए कार्य कर रही है.
दोस्तों हमारा आज का यह पोस्ट आपको कैसा लगा, कमेंट करके जरुर बताइए. अगर यह पोस्ट आपको पसंद आया हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ शेयर जरुर कीजिए जिससे इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लोग पढ़ सकें.धन्यवाद्.
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Friday, 6 December 2019

रामचरितमानस के 20 रोचक तथ्य | Interesting facts of Shri Ramcharitmanas

नमस्कार दोस्तों, हर बार की तरह आप सभी का एक बार फिर से स्वागत  है हमारे वेबसाइट पर . आज का यह पोस्ट शायद आप लोगों के लिए काफी रोचक होने वाला है, क्योकि आज के इस पोस्ट में हम आप लोगों को गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस के कुछ रोचक तथ्यों के बारे में  बताने वाले हैं.
तो चलिए अब आपके उत्सुकता को और ना बढ़ाते हुए श्रीरामचरितमानस के कुछ रोचक तथ्यों को प्रस्तुत कर रहे हैं-
1. मानस के अनुसार  भगवान श्री राम लंका में 111 दिन रहे.
2. लंका में सीता जी 435 दिन रही.
3. मानस में कुल श्लोकों की संख्या 27 है.
4. मानस में कुल चौपाइयों की संख्या 4,608 है.
5. मानस में दोहा की संख्या 1074 है.
6. मानस में छंदों की संख्या 86 है.
7. श्री रामचरितमानस में सोरठा की संख्या 207 है.
8. सुग्रीव के पास 10,000  हाथियों का बल था.
9. सीता 33 वर्ष की उम्र में रानी बनी.
10. श्रीरामचरितमानस की रचना के समय महर्षि तुलसीदास की उम्र 77 वर्ष थी.
                                                     
11. पुष्पक विमान की चाल 400 मील प्रति घंटा थी.
12. राम दल व रावण दल का युद्ध  87 दिन तक चला.
13. राम रावण युद्ध 32 दिन तक चला.
14. सेतु निर्माण 5 दिन में हुआ.
15. नल और नील के पिता भगवान विश्वकर्मा जी हैं.
16. त्रिजटा के पिता महाराज विभीषण जी थे.
17. गुरु विश्वामित्र राम को ले गए 10 दिन के लिए.
18. भगवान राम ने रावण को सबसे पहले मारा था मात्र 6 वर्ष की उम्र में
19. रावण को सुखेन वैद्य ने नाभि में अमृत रखकर पुनर्जीवित किया.
20. रावण के पुत्र मेघनाथ ने एक बार इंद्र को भी युद्ध में हरा दिया था इसलिए  उसे  इंद्रजीत भी कहा जाता है.

 दोस्तों यह जानकारी काफी परिश्रम के बाद आप लोगों के सामने प्रस्तुत किए हैं. आशा करते हैं की यह पोस्ट आप सबको पसंद आयी होगी.
अगर यह पोस्ट आप लोगों को पसंद आयी हो तो इस पोस्ट पर कमेंट करके हमें जरुर बताएं एवं साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ शेयर करना न भूलें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक हमारी  यह छोटी सी जानकारी पहुच सके.धन्यवाद. 
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श्री राम के वंशजों (दादा- परदादा ) के नाम| Name of Lord Rama Ancestors

नमस्कार दोस्तों, आपका एक बार फिर से स्वागत है हमारे वेबसाइट पर.मित्रों आज का यह पोस्ट शायद हमारे अभी तक के सारे पोस्ट से अलग हट के है, जी हां सही सुना आपने .क्योकि आज के इस पोस्ट में हम आप लोगों को भगवान श्री राम के सारे पूर्वजों, उनके नाम के बारे में बताने वाले हैं.
साथ ही ये भी बताएँगे की श्री राम अपने पूर्वजों के कितनी पीढ़ी के बाद पृथ्वी लोक पर जन्म लिए थे .
तो अब आपकी उत्सुकता को ज्यादा और ना बढ़ाते हुए शुरू करते हैं-
1. भगवान ब्रह्मा जी से मरीचि उत्पन्न हुए.
2. मरीचि के पुत्र कश्यप हुए.
3. कश्यप के पुत्र विवस्वान थे.
4. विवस्वान के पुत्र  वैवस्वत मनु हुए, वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था.
5.वैवस्वत मनु के 10 पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया एवं इस प्रकार इक्ष्वाकु कुल की स्थापना की|
6. इक्ष्वाकु के पुत्र का नाम कुक्षी था|
7. कुक्षी के पुत्र का नाम विकुक्षी था|
                                     
  
8. विकुक्षी के पुत्र बाण  हुए|
9. बाण के पुत्र अनरण्य हुए|
10.अनरण्य से  पृथु हुए|
11.पृथु  से त्रिशंकु का जन्म हुआ|
12.त्रिशंकु के पुत्र धुन्धुमार हुए|
13.धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व  था|
14.युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए|
15.मान्धाता से सुसंधि का जन्म हुआ|
16.सुसंधि के दो पुत्र हुए जिनका नाम ध्रुवसंधि एवं प्रसेनजीत था|
17. ध्रुवसंधि के पुत्र भरत हुए|
18. भरत के पुत्र  असित हुए|
19.असित के पुत्र सगर हुए|
20. सगर के पुत्र का नाम  असमंज था|
21. असमंज  के पुत्र अंशुमान हुए|
22. अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए|
23. दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए जिसने गंगा को पृथ्वी पर उतारा था. इनके पुत्र का नाम  ककुत्स्थ था|
24. ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए. रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया तब से भगवान श्रीराम की कुल को रघुकुल भी कहा जाता है|
25. रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए|
26. प्रवृद्ध  के पुत्र शंखण थे|
27. शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए|
28. सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवण था|
29. अग्निवण के पुत्र शीघ्रग हुए|
30.शीघ्रग के पुत्र का नाम मरू था|
31. मरू के पुत्र का नाम प्रशुश्रुक थे|
32. प्रशुश्रुक के पुत्र अंबरीष हुए|
33. अंबरीष के पुत्र का नाम नहुष था|
34. नहुष के पुत्र ययाति हुए|
35. ययाति के पुत्र का नाम नाभाग था|
36. नाभाग  के पुत्र का नाम  अज था|
37. अज के पुत्र राजा दशरथ जी थे|
38. राजा दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न थे|
 इस प्रकार ब्रह्मा जी के उन्चलिसवी 39वी पीढ़ी में भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था|
दोस्तों इस पोस्ट को आप लोगों तक पहुचाने में काफी मेहनत करना पड़ा, क्योकि काफी समय से इस टाइप के पोस्ट हम आपके बीच लाने के बारे में सोच रहे थे और आज सफल हो गए,यह सब कुछ सिर्फ आप लोगों के हमारे इस वेबसाइट के लगातार दिए प्यार के कारण संभव हुआ है.
तो मित्रों आज का यह पोस्ट आपको कैसा लगा,आप हमें कमेंट करके जरुर बताइए.अगर यह पोस्ट आपको पसंद आयी हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों से शेयर जरुर कीजिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पोस्ट को पढ़ सकें और भगवान राम के दादा - परदादा के बारे में जानें.धन्यवाद.
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Tuesday, 3 December 2019

जर्मनी देश से जुड़ी 25 अनोखे तथ्य | 25 interesting facts about Germany

नमस्कार दोस्तों, आपका हमारे वेबसाइट पर एक बार फिर से स्वागत है. आज  के इस पोस्ट में हम आपको जर्मनी से संबंधित कुछ ऐसे तथ्यों  के बारे में बताने वाले हैं जिसको सुनकर आपको थोड़ा आश्चर्य हो सकता है, तो चलिए शुरू करते हैं.
दोस्तों यूरोप  संघ  के सबसे ताकतवर देशों में से एक जर्मनी है, जिसकी राजधानी  बर्लिन में है. दूसरे विश्वयुद्ध में लगभग कंगाल हो जाने के बाद भी जर्मनी ने कभी हार नहीं मानी और वहाँ के नागरिकों के  मेहनत एवं इच्छाशक्ति के बलबूते अपने देश को  दुनिया के सामने दोबारा लाकर खड़ा कर दिया.
इसके  पीछे का कारण सिर्फ और सिर्फ यह है कि, जर्मनी के नागरिक बहुत देशभक्त और मेहनती हैं, जोकि मुश्किल से मुश्किल घड़ी में भी मुस्कुराते रहते हैं और कभी हार नहीं मानते हैं.
लगभग सवा  8 करोड़ की जनसंख्या वाला जर्मनी यूरोप का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है. अगर तुलना किया जाए तो 2011 में हमारे  देश के दो राज्यों आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य की आबादी ही 8 करोड़ 40 लाख से ज्यादा है जोकि जर्मनी देश की पूरे जनसंख्या से ज्यादा है.
जर्मनी का क्षेत्रफल लगभग 3,57000 वर्ग किलोमीटर है जो कि राजस्थान राज्य के क्षेत्रफल से सिर्फ 15000 वर्ग किलोमीटर ही ज्यादा है.
वहीँ के जीडीपी के हिसाब से देखा जाये तो जर्मनी अभी  चौथे स्थान पर है और पूरा भारत सातवें स्थान पर है.
जिससे आप आसानी से समझ सकते हैं कि जर्मनी ने अपने आप को कितना आगे कर लिया है जीडीपी के मामले में.
1. जर्मनी यूरोप की सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश है, जिसकी जनसंख्या लगभग 8 करोड़ 25 लाख है. अगर भारत से इसकी तुलना की जाए तो  यहां की पूरी आबादी भी भारत के 2 राज्यों आंध्र प्रदेश और तेलंगाना  से भी कम है जहां की जनसंख्या  8 करोड़ 40 लाख है|
2. जर्मनी की राजधानी बर्लिन, पेरिस से 9 गुनी बड़ी है एवं वेनिस  के मुकाबले जर्मनी में ब्रिजों  की संख्या भी ज्यादा है|
3. दुनिया की सबसे  पहली मैगजीन भी सन 1663 में जर्मनी में ही लांच हुई थी|
4. जर्मनी में नाजी सेल्यूट (जो कि वहां के शासक हिटलर ही मारता था) आम नागरिकों के लिए कानूनी रूप से अपराध है. अगर कोई सामान्य नागरिक नाजी सेल्यूट करता पाया गया तो उसको 3 साल की सजा हो सकती है|
5.  जर्मनी में पब्लिक प्लेस पर स्मोकिंग करना गैरकानूनी माना जाता है, लेकिन दूसरी तरफ यहां शराब पीना कानूनी माना  जाता है. मतलब कोई कहीं भी शराब पी सकता है|
6. जहां तक शराब की खपत की बात है तो इस मामले में जर्मनी दुनिया भर में दूसरे नंबर पर है|
7. जर्मनी व जापान दो ऐसे देश हैं जहां अन्य दूसरे देशों के मुकाबले जन्म दर बहुत कम है. मतलब इन देशों में नवयुवकों की कमी है|
8. किताबों की छपाई के मामले में जर्मनी का नाम टॉप 5 देशों की रैंकिंग में आता है.
9. जर्मनी में यदि कोई कैदी जेल से भागने के बारे में सोचता या  प्रयास करता है तो उसको इसके लिए सजा नहीं दी जाती क्योंकि इसके पीछे यहाँ  यह तर्क है कि कैदियों को जेल से भागने का प्रयास स्वभाविक है|
10. जर्मनी में होमोसेक्सुअल लोगों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव करना कानूनी रूप से अपराध माना जाता है. अगर इस नियम का  उल्लंघन करते किसी को पाया जाता है तो इसके लिए उसे सजा दी जाती है|
11. जर्मनी इंजीनियरिंग एवं विज्ञान के साथ कला, खेल, साहित्य और व्यापार के छेत्र में भी आज दुनिया के अन्य विकसित व विकासशील बहुत से देशों से काफी आगे हैं|
12. प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी में पुरुषों की संख्या इतनी घट गई थी कि प्रति 1000 महिलाओं पर लगभग 350 पुरुष ही आते थे इसका मतलब उस समय जर्मनी में प्रति 3 महिलाओं में से सिर्फ एक महिला को ही पति मिल पाता था|

13. जर्मनी का क्षेत्रफल लगभग 3,57000 वर्ग किलोमीटर है जिसका अगर तुलना किया जाए तो यह भारत के राजस्थान राज्य के क्षेत्रफल से15000  वर्ग किलोमीटर ज्यादा है|
14. जर्मनी यूरोप संघ का एक छोटा सा देश होते हुए भी 16 राज्यों में बंटा  हुआ है जिसमें कुल 493 जनपद स्थित है|
                                   
                                       
15. अगर जीडीपी के हिसाब से देखा जाए तो यहां की जीडीपी दुनिया में चौथे नंबर पर आती है जो कि जर्मनी के एक संपन्न राष्ट्र होने की ओर इंगित करता है|
16. दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान कोका- कोला को टक्कर देने के लिए जर्मनी में फेंटा नामक कोल्ड ड्रिंक बनाया गया, क्योंकि उस वक्त दुनिया के अन्य देशों में कोका कोला ही इस्तेमाल किया जाता था|
17. जर्मनी में अगर आप किसी को फोन लगाते हैं तो आपको फोन रिसीव होने पर आपको  'हेलो' के बजाय आपको अपना नाम बता कर आगे की बात करनी पड़ती है|
18. दुनिया भर की सबसे प्रसिद्ध ऑटोमोबाइल कंपनियां जर्मनी में स्थित हैं, जैसे BMW, Mercedes-Benz, Audi आदि. जिससे यह पता चलता है कि ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में जर्मनी कितना आगे है|
19. दोस्तों जर्मनी में आप किसी को भी एडवांस में 'हैप्पी- बर्थडे' विश नहीं कर  सकते क्योंकि यहां ऐसा माना जाता है कि ऐसा करना बैड-लक की निशानी है|
20. प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी लगभग कंगाल हो गया था. इसका प्रमुख कारण था जर्मनी का कर्ज़  में डूबना.क्योकि  उस वक्त जर्मनी पर लगभग 96000 टन सोने के बराबर कर्ज हो गया था|
21. जर्मनी की करेंसी का नाम यूरो है एवं यहाँ  के लोग सैंडल के साथ  मोजे पहनते हैं. जिसे  यहां  काफी लोकप्रिय माना जाता है|
22. जर्मनी के लगभग 70% हाईवे पर कोई स्पीड लिमिट नहीं है. लेकिन यदि गाड़ी चलाते वक्त आपका ईधन  खत्म हो जाए तो यहां आपको भारी जुर्माना भी भरना पड़ेगा|
23. वर्ष 2014 में एक समय ऐसा भी आया जब जर्मनी के सभी कॉलेजों में अध्ययन कर रहे छात्रों की फीस माफ कर दी गई थी जिसमें दूसरे देश से आए हुए विद्यार्थी भी शामिल थे|
24. जर्मनी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया के टॉप देशों में शुमार किया जाता है जिसका कारण यहां की सरकार का इस क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में अच्छे शिक्षण संस्थान एवं स्कूली लेवल  से ही बच्चों को इसके महत्व के बारे में बताना एवं प्रैक्टिकल ट्रेनिंग करवाना है|
25. जर्मनी में किसी बच्चे का नाम आप ऐसा नहीं रख सकते जिससे उसके लिंग का पता ना चले.
 दोस्तों आज का यह पोस्ट आपको कैसा लगा, आप हमें कमेंट के माध्यम से जरुर बताएं. अगर यह पोस्ट आपको पसंद आयी हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ शेयर जरुर कीजिए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस पोस्ट को पढ़ सके एवं हमें इसी प्रकार के अन्य पोस्ट आप सब के लिए लाने का मोटिवेशन मिलता रहे.धन्यवाद्.
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Wednesday, 27 November 2019

सरदार पटेल जीवनी | biography of sardar vallabhbhai patel

 नमस्कार दोस्तों, आपका स्वागत है हमारे  वेबसाइट पर. आज के इस पोस्ट में हम आप  लोगों को भारत के "लौहपुरुष" यानि सरदार वल्लभ भाई पटेल  जी की जीवनी के बारे  में बताने वाले हैं. तो चलिए शुरू करते हैं.
भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री रहे सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर सन 1875 को गुजरात के एक छोटे से गांव नाडियाड में हुआ था.
इनके पिता झावेर भाई पटेल एक किसान थे एवं इनकी माता का नाम लाडबाई था जो कि एक साधारण गृहणी थी.
वल्लभ भाई की प्रारंभिक शिक्षा  करमसद  में हुई, इसके बाद उन्होंने पेटलाद के एक विद्यालय में एडमिशन लिया. बल्लभ भाई ने हाई स्कूल की परीक्षा सन 1896 ई में पास  की.
आपको बता दें कि सरदार साहब अपने पूरे जीवन में एक मेधावी छात्र रहे थे और हर परीक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होते थे.
इन्होंने अपने शुरुआती जीवन में ही तय कर लिया था कि इन्हें एक वकील बनना है और यह अपनी वकालत की डिग्री लंदन से लेना चाहते थे, लेकिन दुर्भाग्यवश उस वक़्त उनके पास इतने पर्याप्त पैसे नहीं थे जिससे वे वकालत की पढ़ाई लंदन तो दूर किसी भारतीय  विश्वविद्यालय से भी कर सकें.
                                 
                                     
लेकिन पढाई को लेकर इनकी इच्छाशक्ति इतनी दृढ़ थी की इन्होंने अपनी वकालत की पढ़ाई स्वयं से करना शुरू कर दिया और सफलतापूर्वक वकालत की परीक्षा को पास  करके वकालत की डिग्री भी ले ली.
इसी दौरान पटेल साहब  अदालतों के कार्यवाही में भाग लेने लगे जहां वे वकीलों को ध्यान से सुनते जिससे आगे इनको बहुत लाभ हुआ.
सरदार पटेल ने अपने  कैरियर की शुरुआत गुजरात के गोधरा नामक स्थान से की और उनकी जबर्दस्त  योग्यता के कारण जल्द ही  उनकी वकालत चल पड़ी.
सरदार साहब का विवाह झाबेरबा  नामक स्त्री से हुआ जिनसे  इनके दो पुत्र उत्पन्न हुए जिनका नाम  मडीबेन 1904 और पुत्र दहया  भाई 1905 था.
सरदार पटेल ने अपने बड़े भाई जिनका नाम विट्ठलभाई था, को कानून की उच्च शिक्षा दिलाने के लिए इंग्लैंड भेज दिए.
दोस्तों आप लोगो को बता दें कि वल्लभ भाई की  पत्नी का देहांत बहुत जल्द हो गया जब सरदार पटेल की उम्र मात्र 33 वर्ष थी. पत्नी का साथ जल्दी छोड़ जाने के बाद भी इन्होंने दूसरी शादी नहीं की.

इसके बाद अपने बड़े भाई के इंग्लैंड से  कानून की डिग्री लेने के बाद सरदार साहब भी लंदन चले गए और वहां जाकर खूब मेहनत से कानून की परीक्षा को प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और उसके बाद पटेल साहब सन 1913 में अपने वतन भारत लौटे और  गुजरात  राज्य के अहमदाबाद से अपनी वकालत शुरू की.
जल्द ही वल्लभ भाई  अपने इस पेशे में बहुत लोकप्रिय हो गए तथा अपने करीबियों व मित्रों के कहने पर सन 1917 में अहमदाबाद के सैनिटेशन कमिश्नर का चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत भी गए.
उन्हीं दिनों पटेल साहब गांधी जी के चंपारण सत्याग्रह की सफलता से बहुत प्रभावित हुए.
वल्लभभाई का राजनीतिक जीवन खेड़ा में किसानों के  संघर्ष के साथ शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने आगे आकर जबर्दस्त  तरीके से नेतृत्व किया था. जिसका परिणाम यह हुआ कि ब्रिटिश सरकार ने राजस्व की वसूली पर रोक लगा दी एवं अपने द्वारा लगाए गए कर  को वापस ले लिया. जिसका  परिणाम स्वरुप यह संघर्ष 1919 में जाकर खत्म हो गया.
खेड़ा सत्याग्रह में प्राप्त सफलता से वल्लभ भाई की लोकप्रियता बहुत बढ़ गई जिसका परिणाम यह हुआ कि उनकी छवि एक राष्ट्रीय नायक की बन  कर जनता के सामने आयी.
गांधी जी के असहयोग आंदोलन और गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अमदाबाद से ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार के आयोजन में इन्होंने खूब मदद की.
इस दौरान इन्होंने स्वयं के विदेशी कपड़ों का त्याग कर दिया और खादी वस्त्र को ही अपने दैनिक जीवन में अपनाना शुरू किया.
उसके बाद इन्हें 1922, 1924 और 1927 में अहमदाबाद नगर निगम का अध्यक्ष चुना गया.इस दौरान वल्लभ भाई ने कई प्रकार के विकास संबंधी कार्य किए जिसमें बिजली की आपूर्ति को बढ़ाना, जल निकासी, स्वच्छता व्यवस्था और शिक्षा के क्षेत्र में जबर्दस्त  सुधार मुख्य रूप से शामिल है.
सरदार पटेल जी किसानों के परम हितैषी थे जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण 1928 में गुजरात का बरदोली तालुका बाढ़ और अकाल वाले घटना से समझा जा सकता है, जिसमें इन्होंने संकट की इस घड़ी में ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाए गए राजस्व करो को 30% बढ़ाने के विरोध में किसानों के साथ आये और ब्रिटिश सरकार के इस फैसले का जमकर विरोध किया.
 इन्होंने  किसानों  को एक साथ लाकर उनसे ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाए गए कर का  एक पाई भी ना चुकाने के लिए कहा, जिसका परिणाम यह हुआ कि ब्रिटिश सरकार को  सरदार साहब के  सामने झुकना पड़ गया.
वल्लभ भाई के इस सफलता के बाद इनका मान- सम्मान इतना बढ़ गया की लोग इन्हें "सरदार" नाम से संबोधित करने लगे.
इसके बाद 1930 में नमक सत्याग्रह के दौरान इन्हें गांधी जी के साथ गिरफ्तार कर लिया गया जिससे कि पूरे भारत में आंदोलन और तेज हो गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि ब्रिटिश सरकार ने इनको भी गांधी जी के साथ रिहा करने पर मजबूर हो गई.
इसके बाद कुछ समय बाद मुंबई में इनको पुनः  गिरफ्तार कर लिया गया एवं  वर्ष 1931 में गांधी- इरविन समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया.
सन 1931 सत्र के लिए वल्लभ भाई को  कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया उसके बाद लंदन में हुए गोलमेज सम्मेलन की विफलता पर इन्हें  गांधी जी के साथ एक बार फिर 1932 में गिरफ्तार कर लिया  गया.
कारावास की इसी अवधि के दौरान पटेल और गांधी जी एक- दूसरे के करीब आये  और दोनों नेताओं के मध्य प्यार, भरोसा एवं स्पष्टवादीता का रिश्ता भी बना. अंत में जुलाई 1934 को सरदार साहब को  रिहा कर दिया गया.
इसी बीच 1942 में  कांग्रेस ने  भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ किया. इसी दौरान सरकार ने वल्लभभाई समेत कई कांग्रेसी विशिष्ट नेताओं को कारावास में डाल  दिया. सारे नेताओं को 3 साल के बाद छोड़ दिया गया.
15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र  भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और सरदार वल्लभ भाई पटेल को उप प्रधानमंत्री बनाया गया.
इसके अलावा सरदार पटेल गृह मंत्रालय, सूचना प्रसारण मंत्रालय एवं राज्यमंत्री के पद की जिम्मेदारी भी संभाली.
जैसा कि आप सब जानते हैं आजादी के समय भारत में कुल 565 रियासतें थी एवं महाराजा एवं नवाब जिनका इन पर शासन था, देशभक्त थे.
लेकिन उनमें से ज्यादातर दौलत एवं  सत्ता के नशे में चूर थे. ऐसे में जब अंग्रेजों ने जब भारत छोड़ा, तब ये सारे नवाब  स्वतंत्र शासक बनने का सपना देखते थे.
जिसके लिए उन्होंने यह तर्क भी दिया कि स्वतंत्र भारत की सरकार उन्हें बराबरी का दर्जा दे, और तो और उनमें से कुछ तो संयुक्त राष्ट्र संगठन को अपना प्रतिनिधि भेजने की योजना बनाने की हद तक चले गए.
इसी बीच सरदार पटेल ने तत्कालीन भारतीय राजाओं से देश भक्ति का आह्वान किया और कहा कि वह देश की स्वतंत्रता से  जुडें  और एक जिम्मेदार शासक के जैसा बर्ताव करें, जो कि सिर्फ एवं सिर्फ अपनी प्रजा के अच्छे भविष्य के  के बारे में सोचें.
सरदार पटेल ने 565 रियासतों को स्पष्ट कर दिया कि अलग राज्य का जो सपना वे देख रहे हैं, उसका पूरा होना  असंभव है और भारतीय गणतंत्र का हिस्सा बनने  में ही भलाई है.
अतः भारत को गणतंत्र बनाने के लिए सरदार पटेल जी ने महान बुद्धिमत्ता एवं दूरदर्शिता का  परिचय देते हुए  छोटे- छोटे  रियासतों को एक साथ संगठित किया.पटेल जी की इस कार्य में भारत की जनता ने पूरा सहयोग किया.
इसी बीच 563 रियासतों के नवाब सरदार वल्लभ भाई के विचार से सहमत थे, लेकिन हैदराबाद के निजाम एवं जूनागढ़ के नवाब मानने को तैयार नहीं थे. जिन्हें पटेल ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ से उनको भी अपने आगे झुकने को मजबूर कर दिया.
इस प्रकार पटेल साहब ने एक बिखरे हुए देश को बिना किसी भी रक्तपात एवं हिंसा के  एक कर दिया.
सरदार पटेल इसी महान कार्य के लिए इन्हें "लौह पुरुष" के नाम से संबोधित किया जाता है.
देश को आजाद हुए अभी मात्र 3 वर्ष हुए थे की सरदार पटेल जी की मृत्यु 15 दिसंबर सन 1950 ईस्वी को अचानक ह्रदय गति रुकने के कारण हो गया.
इस प्रकार भारत मां का यह लाल सदा के लिए इस दुनिया से अलविदा ले लिया. बाद में देश के लिए किए गए उनके महान कार्यों को याद करते हुए भारत सरकार ने इन्हें   सन  1991 में "भारत रत्न" से सुशोभित किया.
वल्लभ भाई के देश के लिए किये महान कार्यो के सम्मान में वर्तमान की  नरेन्द्र मोदी सरकार ने इनके स्मृति में दुनिया की सबसे ऊची  182 मीटर की मूर्ति (स्टेचू ऑफ़ यूनिटी ) गुजरात  स्थित नर्मदा नदी  पर  स्थापित करायी है.

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Monday, 18 November 2019

Windows 10 Screen Recording | Windows 10 से स्क्रीन रिकॉर्डिंग कैसे करें

नमस्कार दोस्तों.आज हम एक बार फिर से आप सबके सामने उपस्थित हैं अपने एक नए आर्टिकल के साथ. इस आर्टिकल में हम आप लोगों को डेस्कटॉप पर windows-10 की मदद से Screen  Recording  कैसे करते हैं, के बारे में बताने वाले हैं. तो आपका और अधिक समय ना लेते हुए शुरू करते हैं.
दोस्तों बेशक आप काफी समय से windows-10 का इस्तेमाल कर रहे होंगे, पर शायद अभी तक इसकी कई  फीचर से आप वाफिक नहीं होंगे. क्योकि इसके कई फीचर्स का  तो कभी पता ही नहीं लगता.
ऐसे ही कुछ फीचर में से एक स्क्रीन रिकॉर्डिंग फीचर.
आपको बता दें कि इस फीचर के पीछे की खासियत यह है कि, इसके लिए आपको किसी भी सॉफ्टवेयर की कोई भी जरूरत नहीं है.
वैसे तो अक्सर ही आपने देखा होगा कि स्क्रीन रिकॉर्डिंग करने के लिए आपको किसी ना  किसी third party app की जरूरत होती है.
                                 
लेकिन Game Bazaar में आपको स्क्रीन रिकॉर्डिंग टूल  मिलता है, जिससे आप गेम के साथ -साथ windows-10 की स्क्रीन भी डाउनलोड कर सकते हैं.
तो फ्रेंड्स  आइए जानते हैं कि windows-10 स्क्रीन रिकॉर्डिंग किस तरह की जा सकती है.
1. इसके लिए सबसे पहले कीबोर्ड पर मौजूद shortcut keys  की मदद से आप यह  कर सकते  हैं.
विंडोज- 10 में Game Bar भी आसानी से डिस्प्ले किया जा सकता  है, ताकि आप स्क्रीन की रिकॉर्डिंग कर सके. इसके लिए सबसे पहले windows-10 में स्टार्ट बटन  पर क्लिक करें.
इसके बाद अब एक्सबॉक्स  ऐप टाइप कर इस बॉक्स को ओपन करें, अब win+G को उस  स्क्रीन पर टाइप करें जिसे आप रिकॉर्ड करना चाहते हैं. अब इस कांबिनेशन पर press  करने के बाद एक पॉप अप बॉक्स दिखेगा .
इसमें आपसे पूछा जाएगा कि क्या यह गेम है या नहीं, आपको यहां 'Yes'  पर क्लिक करना होगा.
इतना करने के बाद अब  आपको कुछ विकल्प दिखाई देंगे जैसे, स्टार्ट रिकॉर्डिंग, स्क्रीनशार्ट या फिर सेटिंग्स.
अब आप  सबसे पहले स्टार्ट रिकॉर्डिंग बटन पर क्लिक करें. इस प्रकार रिकॉर्डिंग पूरी हो जाने के बाद इसे रोक दे. अब यह रिकॉर्डिंग  अपने आप C/Users/Videos/Captures में  सेव हो जाएगी.
2. दोस्तों इसके अलावा आप वीएलसी मीडिया प्लेयर से भी स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर सकते हैं. इतना ही नहीं इससे आप विंडो-10  में ही नहीं बल्कि विंडो -7 और विंडो -8 में भी रिकॉर्डिंग कर सकते हैं.
यदि आपके पास वीएलसी मीडिया प्लेयर नहीं है तो सबसे पहले आप इसे डाउनलोड कर इनस्टॉल कर लें.
इसके बाद  मीडिया प्लेयर को लांच कर लें.
अब सबसे पहले आप  मीडिया पर क्लिक करें और open capture device को .
उसके बाद capture मोड पर जाएं और drop down एरो  पर क्लिक करके Desktop चुन लें.
अब इसमें  अपने हिसाब से विकल्प चुन लें  और play पर  क्लिक कर दें.
रिकॉर्डिंग  रोकने के लिए स्टॉप बटन पर क्लिक कर दें.
अब स्क्रीन पे जाकर रिकॉर्डिंग पर क्लिक करें और फिर save चुन लें.
इस प्रकार अब आप आराम से स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर सकेंगे.
तो फ्रेंड्स आज का हमारा यह पोस्ट आपको कैसा लगा ,अगर यह पोस्ट आपको पसंद आयी हो तो आप like और comment करके जरूर बताएं.जिससे हमें इस प्रकार के और भी नए- नए पोस्ट आप सबके साथ शेयर करते रहें.धन्यवाद्.
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