Thursday, 24 September 2020

सुकन्या समृद्धि योजना की पूरी जानकारी हिंदी में | Sukanya Samriddhi Yojna in Hindi

 Sukanya Samriddhi Yojana

नमस्कार दोस्तों, सुकन्या समृद्धि योजना का  शुभारम्भ  भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  के नेतृत्व में 2 दिसंबर 2014 में किया गया था. इस महात्वाकांक्षी योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य हमारे देश में नारी शक्ति को समृद्ध और सशक्त बनाना है.

सुकन्या समृद्धि योजना भारत के ऐसे नागरिकों को के लिए है, जो अपने बेटी के उज्जवल भविष्य के लिए बचत करना चाहते हैं. इस योजना के अंतर्गत वह छोटी - छोटी बचत करके अपने बेटी के चमकदार  भविष्य एवं अच्छी शिक्षा के माध्यम से अपनी बेटी  के सपनों को पूरा कर सकते हैं. सुकन्या समृद्धि योजना देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत चलाई जा रही है जो की मात्र कुछ ही समय में भारत के लोगों के बीच खूब सफल हो रहा है. 

आपको बता दें कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य हमारे देश  में लड़के और लड़कियों के फर्क को  दूर करना है. 

सुकन्या समृद्धि योजना क्या है ? 

इस योजना के अंतर्गत आप  खाता कैसे खोल सकते हैं ?

सुकन्या समृद्धि योजना के नियम 2020 क्या है ? 

सुकन्या समृद्धि योजना इंटरेस्ट रेट 2020  , सुकन्या योजना डाकघर , सुकन्या समृद्धि योजना 2020, सुकन्या समृद्धि योजना अपडेट , इन सब की पूरी जानकारी स्टेप बाई स्टेप  प्राप्त करने के लिए आपको यह आर्टिकल अंत तक  पढ़ना होगा. क्योकि इस पोस्ट में हम आपको इसकी पूरी जानकारी देने वाले हैं तो दोस्तों बने रहिए हमारे इस पोस्ट के साथ.




हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" योजना के अंतर्गत सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) की शुरुआत 2 दिसंबर 2014 को किया गया था. इसके अंतर्गत जन्म से लेकर 10 वर्ष उम्र तक की बेटियों का खाता  खोला जाता है. सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत भारत का  कोई भी नागरिक अपने किसी नजदीकी पोस्ट ऑफिस अथवा बैंक में खाता खुलवा सकता है.

इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम 1000 रूपये की धनराशि बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा करनी होती है. इस योजना  का मुख्य उद्देश्य हमारे देश के लड़कियों को आगे बढ़ाना है. इसके अलावा बेटियों की शिक्षा, विवाह योग्य होने पर पैसों की कमी ना आए , इसके लिए उनके माता-पिता द्वारा छोटी-छोटी धनराशि से  इस योजना के अंतर्गत बचत कर सकते हैं.

इस योजना के अंतर्गत जब बेटी 18 वर्ष की हो जायेगी तब वह पढ़ाई के लिए वह इस खाते से पैसे निकाल सकती है, और 21 साल  की उम्र होने पर उसके विवाह के समय इस योजना  के अंतर्गत जमा संपूर्ण धनराशि निकालकर अपने विवाह आदि में  उपयोग कर सकती हैं . भारत सरकार के इस योजना  से हमारे देश के बेटियों को काफी प्रोत्साहन मिला  है. जिसकी मदद से उनको आगे बढ़ने में काफी आसानी हो जाएगी और देश के विकास में हमारी बेटियां भी भागीदार होंगी. इसके माध्यम से देश में नारियों की स्थिति और अधिक सशक्त एवं सुदृढ़ होगी |


सुकन्या समृद्धि योजना 2020 के अंतर्गत कौन- कौन लोग खाता खोल सकते हैं –

सुकन्या समृद्धि योजना  के अंतर्गत केवल जन्म से लेकर 10 वर्ष की उम्र तक की लड़की के नाम पर ही अकाउंट खोला जा सकता है. इसका अर्थ यह है की  इस योजना के अंतर्गत 10 वर्ष से ऊपर लड़कियों का खाता नहीं खोला जा सकता है. इसके अलावा इस  योजना का लाभ अनिवासी भारतीय (एन आर आई) नहीं प्राप्त कर सकते हैं | यदि कोई बेटी, सुकन्या समृद्धि खाता खोलने के बाद एन आर आई  बन जाती है तो उसे अपना सुकन्या समृद्धि योजना का खाता बंद करना होगा . यदि किसी कारण वश खाता बंद नहीं किया जाता है  तो एन आर आई बनने के बाद  इस खाते में किसी प्रकार का ब्याज नहीं प्रदान किया जाएगा.



भारत सरकार के इस महात्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत माता-पिता अथवा कानूनी संरक्षक अपनी बेटी के लिए खाता खोल सकते हैं.  इसके साथ ही गोद ली हुई बेटी के लिए भी सुकन्या समृद्धि योजना  के अंतर्गत खाता खोल सकते हैं.


सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आप कितने खाते खोल सकते हैं –

दोस्तों  हम देखते हैं की अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि सुकन्या समृद्धि योजना  के अंतर्गत आप कितने खाते खोल  सकते हैं . तो आपको बता दें कि इस योजना के तहत आप कितने अकाउंट खोल सकते हैं इसके बारे में आप इस प्रकार  समझ सकते हैं –


सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत आप एक कन्या के नाम से मात्र  एक ही खाता खोल सकते हैं.

कन्या अथवा बेटी के माता - पिता या कोई अन्य कानूनी अभिभावक इस योजना के अंतर्गत दो अकाउंट खोल सकते हैं.

यदि किसी माता-पिता की पहली संतान कन्या है और दूसरी संतानें भी  दो जुड़वा कन्यायें हैं, तब इस स्थिति में वह तीसरा अकाउंट खुलवा  सकते हैं. इस स्थिति में बेटी के माता-पिता को मेडिकल प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा.

सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज या प्रमाणपत्र  –

सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए कुछ आवश्यक प्रमाणपत्रों  की आवश्यकता होती  है  जो कि निम्न  है –

1. सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए आपको बेटी का जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता     होगी.

2. इस योजना के लिए खाता में पैसे जमा करने वाले व्यक्ति का परिचय पत्र की भी आवश्यकता होगी.

3. जमाकर्ता का एड्रेस प्रूफ भी सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए आवश्यक है.




सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत आप अधिकतम और न्यूनतम कितनी धनराशि जमा कर सकते हैं –

सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए आपको सबसे पहले न्यूनतम 1000 रूपये जमा करके खाता खोलना होगा . इसके बाद आप 100 रुपए के गुणकों में पैसे जमा कर सकते हैं . सुकन्या समृद्धि योजना के तहत  न्यूनतम  1000 रूपये और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये  प्रतिवर्ष अपनी बेटी के खाते में जमा कर सकते हैं. यदि अभिभावक माता - पिता की दो बेटियां हैं, तो इस स्थिति में सुकन्या समृद्धि योजना 2020  खाते में डेढ़ लाख- डेढ़ लाख कुल मिलाकर तीन लाख रूपये (3,00000)  जमा कर सकते हैं |


यदि आप सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खोले गए खाते में एक वित्तीय वर्ष में डेढ़ लाख रूपय से अधिक की धनराशि जमा कर देते हैं, तो इस स्थिति में अतिरिक्त धनराशी पर आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस की तरफ से किसी भी प्रकार का ब्याज नहीं दिया जाएगा और अतिरिक्त जमा की गई अपनी  धनराशि को आप कभी भी वापस ले सकते हैं. 


सुकन्या समृद्धि योजना  के अंतर्गत खाता खोलने के लाभ –

मित्रों आपको बता दें कि प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना  के अंतर्गत खाता खोलने के कई प्रकार के लाभ है . आप इससे इस  प्रकार से लाभान्वित हो  सकते हैं –


1. सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत जमा की गई धनराशि करमुक्त है. इस योजना के अंतर्गत एक वित्तीय वर्ष

    में आप अधिकतम डेढ़ लाख ऊपर तक ही जमा कर सकते हैं.

2. सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत मिलने वाला ब्याज भी करमुक्त है.

3. इस योजना के अंतर्गत 9.2 प्रतिशत का ब्याज प्रदान किया जाएगा.

4. सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत जब कन्या की उम्र 18 वर्ष की हो जाएगी,  तब वह पढ़ाई के लिए पैसे निकाल सकती है.  इसके साथ 21 वर्ष पूरा होने पर वह विवाह के लिए संपूर्ण धनराशि निकाल सकती है.

5. सुकन्या समृद्धि योजना के तहत  खोले गए खाते को आप कभी भी किसी भी बैंक से अथवा पोस्ट ऑफिस से

    किसी दूसरी बैंक या पोस्ट ऑफिस के ब्रांच में  स्थांतरण कर सकते हैं .

सुकन्या समृद्धि योजना के अधिक लाभ इस प्रकार समझ सकतें हैं –

यदि आप  सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खोले गए खाते में आप 12000 रूपये की धनराशि प्रतिवर्ष जमा करते हैं तो इस प्रकार 14 वर्षों में कुल मिलाकर आपकी 16,8000 रुपए की धनराशि जमा होगी. लेकिन इस योजना के अंतर्गत आपके अकाउंट के परिपक्व (पूरा) होने के पश्चात आपको 6,07128 रूपये दिए जाएंगे |

इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष अधिकतम 15,0000 रूपये जमा किए जा सकते हैं . यदि आप 14 वर्षों तक प्रतिवर्ष 150000 रूपये जमा करते हैं, तो पूरे - पूरे  आपके 21,00000 रुपए आपके बेटी के खाते में जमा होंगे. लेकिन इस योजना के अंतर्गत खाता परिपक्व होने पर आपको 72,00000 रुपए प्राप्त होंगे . इस योजना के तहत बेटी 18 वर्ष की उम्र में 50% धनराशि निकाल सकती हैं |




सुकन्या समृद्धि योजना  खाते में आप कब तक योगदान दे सकते हैं –

यदि आपने अपनी बेटी के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खोला है, तो इस स्थिति में आप खाता खोलने की तारीख से लेकर 15 वर्ष पूरे होने तक बेटी के खाते में पैसे जमा कर सकते हैं .इसके बाद खाता  खोलने की तारीख से 16 वर्ष की शुरुआत और 21 वर्ष के अंत तक आप किसी प्रकार की धनराशि जमा नहीं कर सकते हैं .


नोट – यहां पर आपको इस बात का ध्यान  रखना है कि 16 वर्ष से 21 वर्ष के दौरान भी आपको ब्याज मिलता रहेगा.


सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खोले गए खाते की परिपक्वता कब होती है –

दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दें कि  सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खोले गए खाते में जमा धनराशि को आप तब ही निकाल सकते हैं, जब बेटी की  उम्र 18 वर्ष हो चुकी हो. इस योजना का कार्यकाल 21 वर्ष तक होता है . जब से खाता खोला जाता है तब से लेकर 21 वर्ष होने तक आप इसमें जमा किए गए सारे  धनराशि  खाता धारक को ब्याज सहित वापस की जाती है. वहीँ यदि कन्या की आयु 18 वर्ष से अधिक है, एवं  कन्या का विवाह होना है . तो इस स्थिति में इस खाते को समय से पहले ही  बंद किया जा सकता है, और संपूर्ण धनराशि निकाली जा सकती है.


सुकन्या समृद्धि योजना के तहत समय से पूर्व पैसे निकालने के नियम –

दोस्तों सुकन्या समृद्धि योजना  अन्य योजनाओं से काफी अलग योजना है. क्योकि  इस योजना के अंतर्गत खोले गए खाते में जमा धनराशि को आप को समय से पूर्व नहीं निकाल सकते हैं . आप अपनी बेटी के खाते की धनराशि तभी निकाल सकते हैं. जब खाताधारक बेटी  की उम्र 18 वर्ष से अधिक हो, और उसे आगे की पढ़ाई के लिए पैसे की आवश्यकता हो . तब इस स्थिति में आप की कुल जमा धनराशि का 50% ही खाते से निकाल सकते हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना  के अंतर्गत किए गए निवेश पर टैक्स में छूट  –

भारत सरकार द्वारा लाये गए सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खोले गए खाते में अधिकतम आप 150000 रूपये  प्रति वर्ष तक का निवेश कर सकते हैं . इस योजना के अंतर्गत खाते में पैसे जमा करने पर आपको टैक्स में छूट दिया जाता  है . यह आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत आता है . इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत जमा की गई धनराशि पर मिलने वाला ब्याज भी कर मुक्त है . और समय पूर्ण होने पर मिलने वाली संपूर्ण धनराशि पर भी कोई टैक्स नहीं देना होता है .

नोट – यदि आपके दो बेटियां हैं | और आपने दोनों बेटियों के सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खोल रखा है और आप प्रतिवर्ष दोनों खातों में डेढ़ लाख -डेढ़ लाख रूपय कुल मिलाकर 3,00000 रूपये का निवेश करते हैं | तो आपको टैक्स छूट  में सिर्फ 3,00000 रूपये ही दिया जायेगा. 


यहां पर एक बात और ध्यान रखनी है | कि आप डेढ़ लाख तक का टैक्स बेनिफिट केवल सुकन्या समृद्धि योजना  में ही नहीं बल्कि ईपीएफ, ईएलएसएस और जीवन बीमा में जमा धनराशि भी इसी में जोड़कर दी  जाएगी .


सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खोले गए खाते पर ब्याज दर –

दोस्तों आपको बता दें कि सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत शुरुवात में 9.2%  प्रदान किया जाता था . लेकिन वर्तमान में 2019-20  में यह ब्याज दर घटाकर 8.1% कर दिया गया है | यह ब्याज दर अब भी सभी सरकारी योजनाओं से ज्यादा है .


सुकन्या समृद्धि योजना  खाता आवेदन फार्म डाउनलोड –

यदि आपको सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता ओपन कराना चाहते हैं. तो आपको पोस्ट ऑफिस अथवा बैंक द्वारा इस योजना के लिए फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं. यदि आपको पोस्ट ऑफिस अथवा बैंक द्वारा फार्म प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. तो आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके सुकन्या समृद्धि योजना खाता फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं.


सुकन्या समृद्धि योजना  के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें –

यदि आप सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत दें ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो आप नीचे बताए जा रहे हैं. ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके में से किसी एक तरीके का प्रयोग करके आवेदन कर सकते हैं –


सुकन्या समृद्धि खाते के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें –

दोस्तों सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत ऑनलाइन खाते के लिए आवेदन करने के लिए आप नीचे बताए गए आसान से स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं –


1. सबसे पहले आपको 28 राष्ट्रीयकृत बैंकों में से किसी एक बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा | जिस बैंक में आप सुकन्या समृद्धि खाता ओपन करना चाहते हैं |

2.वेबसाइट के होमपेज पर पहुंचने के पश्चात यहां आपको सुकन्या समृद्धि योजना  का लिंक मिलेगा | जिस पर आपको क्लिक करना होगा |

3. अब इस लिंक पर क्लिक करने के पश्चात आपको अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसमें आपको रेजिडेंशियल प्रूफ माता-पिता का पहचान पत्र और बच्चे का पहचान का पत्र और जन्म प्रमाण पत्र की जरुरत  होगी.

4. यहां पर आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी की प्रामाणिकता होना आवश्यक है. आपके द्वारा प्रदान की गई सभी जानकारी को बैंक द्वारा चेक किया  जाएगा.

5. अब सारे जानकारी भरने और आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करने के पश्चात आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा.

6. इस प्रकार आवेदन पत्र सबमिट करने के पश्चात आपको पहली राशि बैंक खाते में जमा कर खाता चालू कर सकते हैं .आप इन्टरनेट  बैंकिंग की मदद से भी पैसे बेटी के खाते में जमा कर सकते हैं .

खाता खुलने होने के बाद  जब भी आपके खाते में पैसे जमा करते हैं , तो  आपको SMS द्वारा सभी जानकारी प्रदान कर दी जाती है .

सुकन्या समृद्धि योजना  के अंतर्गत ऑफलाइन आवेदन कैसे करें –

यदि आप सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो आप नीचे बताये जा रहे आसन से स्टेप्स को फॉलो करके ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं –


1. सुकन्या समृद्धि योजना खाते के लिए ऑफलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको सभी आवश्यक दस्तावेजों को लेकर अपने नजदीकी किसी बैंक अथवा पोस्ट ऑफिस में जाना होगा.

2. बैंक अथवा पोस्ट ऑफिस में पहुंचकर आपको सुकन्या समृद्धि योजना फार्म प्राप्त करना होगा . आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी को सही-सही भरना होगा.

3. इसके साथ ही आप को आवेदन पत्र में आवश्यक सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी संलग्न करना होगा |

4. सभी जानकारी सही-सही भरने  और आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करने के बाद अपना  आवेदन पत्र बैंक अथवा डाकघर द्वारा निर्धारित काउंटर पर जमा करना होगा.

5. आवेदन फॉर्म जमा करने के पश्चात बैंक अथवा  डाकघर द्वारा आवेदन पत्र की जांची  की जाएगी. और यदि आपके द्वारा दिया गया सारा प्रमाण सही है तब आपकी बेटी का खाता खोल दिया जाएगा.

6. खाता खोलने के पश्चात बैंक और डाकघर द्वारा आपको पासबुक भी प्रदान की जाएगी | जिसमें आप के सभी लेन-देन का विवरण प्रदान किया जाएगा.

तो दोस्तों यह थी भारत सरकार की महात्वाकांक्षी  सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में सभी जरुरी  जानकारी. मित्रों अगर  यह आर्टिकल पसंद आयी हो तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों एवं सोशल मीडिया पर  जरूर शेयर करें ताकि भारत सरकार के इस बहुत ही महात्वाकांक्षी योजना के बारे में सबको पता चल सके, जिसका लाभ वो अपनी बेटी के उज्जवल भविष्य के लिए उठा सकें.


धन्यवाद.


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Wednesday, 23 September 2020

10 प्रसिद्ध भारतीय व्यंजन जो मूल रूप से भारतीय नहीं हैं | 10 Famous Indian Recipes That Are Not Originally Indian

नमस्कार दोस्तों, जैसा कि आप सबको पता है की भारतीय लोग अपने सांस्कृतिक महत्व एवं बेहतरीन मेहमान नवाजी के लिए विश्व प्रसिद्द हैं। जब भी हमारे आपके घर कोई मेहमान आता है तो उनके मेहमान नवाजी के लिए हम लोग  बहुत सारे स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर उनके सामने  परोसते हैं.

दोस्तों हम  बचपन से ही अपने दैनिक जीवन में कई ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं जिन्हें ऐसा माना जाता है की वे  भारतीय व्यंजन हैं लेकिन आपको बता दें की ऐसा बिलकुल भी नहीं है। आज के इस पोस्ट में हम आप लोगों को कुछ ऐसे ही व्यंजनों के बारे में बताने वाले  हैं जिन्हें माना तो भारतीय व्यंजन  जाता है लेकिन वास्तव में इनकी उत्पत्ति  या खोज  विदेशों में हुई है.

1 . गुलाब जामुन ( Gulab Jamun) -

इस लिस्ट में पहला नाम भारत भर में बड़े ही चाव से खाया जाने वाला गुलाब जामुन  मूल रूप से भूमध्यरेखीय क्षेत्र का व्यंजन है, जिसे फारसी  आक्रमणकारियों के द्वारा भारत में लाया गया था. आपको बता दें की वहाँ गुलाब जामुन को  "लुकमत  अल कादी" के नाम से जाना जाता था|




मित्रों उन दिनों  वहाँ "लुकमत अल कादी"  यानि की आज के गुलाब जामुन को बनाने के लिए आटे की गोली को तेज आंच पर फ्राई करते  हैं. इसके बाद गोलीयों  को शहद की चाशनी में डालकर उसके ऊपर से चीनी छिड़क दी  जाती थीं. लेकिन आज भारत के लगभग सभी हिस्से में इसके बनाने के तरीकों में काफी बदलाव के साथ इसे और भी लजीज बना दिया गया है.


2. जलेबी ( Jalebi) -

दोस्तों जलेबी का नाम सुनते ही लोगों के जुबान पर पानी आ जाता है, और फिर आये भी क्यों ना  क्योकि जलेबी है ही इतनी प्यारी . आपको बता दें की जलेबी भारत का राष्ट्रीय मीठा है. जहाँ तक इसकी उत्पत्ति की बात है तो इसकी शुरुवात  मध्य पूर्व के देशों से हुई एवं  फारसी आक्रमणकारियों द्वारा यह भारत में लायी गयी. फारस में इसे मूल रूप से इसे “जलीबिया” या “जुलाबिया” और अरबी में इसको “जलाबिया ” के नाम से जाना जाता था.





3. चाय (Tea) - 

दोस्तों चाय की  शुरूआत सबसे पहले चीन में  हुई जहाँ पर इसका उपयोग वहां के लोग  औषधीय पेय के रूप में करते थे.  आज भी चाइना में चाय को बहुत पसंद किया जाता है. समय के साथ जल्द ही अंग्रेजों ने इसकी खोज कर ली  और इसे चीन से भारतीय बाजारों में लेकर आये जिसे भारत में हाथों हाथ लिया गया एवं जल्द ही पुरे भारत में इसे बहोत प्यार दिया गया एवं भारत भर के घरो में आने वाले मेहमानों को सबसे पहले दिया जाने वाला पेय बन गया. 




जहाँ तक इसकी खेती का सवाल है तो अंग्रेजों के द्वारा भारत के उत्तरी-पूर्वी भाग के आदिवासियों को चाय की खेती करने का तरीका सिखाया गया. इसके बाद से ही चाय भारत के लोगों के दिलो में अपना स्थान बना लिया एवं भारतीयों की दैनिक जीवन का एक अहम हिस्सा है और यह 1950 के बाद भारत में बहुत लोकप्रिय हो गया.


4 . दाल - भात ( Daal Bhaat) -

भात के सम्बन्ध में आश्चर्यजनक बात यह है कि इसे पूरी तरह से भारतीय व्यंजन माना  जाता है पर ऐसा वास्तव में सच नही है.  अगर भारत में इसकी सबसे अधिक लोकप्रियता की बात करे तो दाल भात असम , पश्चिम बंगाल के साथ पुरे उत्तर भारत में बहुत प्रसिद्द है . इन राज्यों में इसकी प्रसिद्धि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की इन प्रदेशो में रहने वाले लोगों के दोपहर का भोजन बिना दाल भात के पूरा नहीं होता.





5 . समोसा (Samosa) -

दोस्तों जब बात समोसे की आती है तो हमारे जुबान पर पानी आना लाजमी है. आखिर हम कर भी क्या सकते हैं समोसा है ही इतनी लजीज की इसके क्या बच्चे, क्या बूढ़े सभी को यह खूब भाता है. जहाँ तक इसकी उत्पत्ति की बात है तो आपको बता दें की समोसा की शुरुवात सबसे पहले  मध्य पूर्व से हुई और वहाँ इसे "सम्बोसा" के नाम से जाना जाता हैं . लेकिन समोसे के सम्बन्ध में कुछ जानकारों के द्वारा यह भी कहा जाता है की इसे भारत में मुगलों के द्वारा लाया गया था. वैसे भारत के पश्चिम बंगाल में इसे सिंघाड़ा एवं उत्तर प्रदेश के साथ भारत के ज्यादातर हिस्सों में इसे बड़े ही आदर के साथ समोसा नाम से जाना जाता है.

दोस्तों वैसे समोसा खाना तो मै भी बड़ा पसंद करता हू लेकिन मैंने भारत के कई राज्यों का समोसे का स्वाद लिया
है  लेकिन पश्चिम बंगाल का सिंघाड़ा मुझे सबसे ज्यादा पसंद है. अब बताने की बारी आपकी है की आपको भारत 
के किस शहर या राज्य का समोसा सबसे अच्छा लगता है.






 6 . राजमा ( Rajma) -

राजमा मैक्सिकन जायके  का प्रमुख  भोज्य पदार्थ में से एक है. आपको पुरे मक्सिको के छोटे - बड़े होटलों , रेस्टोरेंटो , ढाबो में यह हेल्दी खाद्य बड़े ही आसानी से देखने को मिल जायेगा. इसके साथ ही पुरे मक्सिको में इसकी खेती बड़े ही लगन के साथ होती है.  यह मध्य मेक्सिको और ग्वाटेमाला से भारत लाया गया है. जहाँ तक भारत में इसकी लोकप्रियता की बात है तो पूरा उत्तर भारत विशेष रूप से दिल्ली, उत्तर प्रदेश इसके अलावा पंजाब और हरियाणा के लोग इसे बड़े ही चाव से खाते हैं. राजमा के बारे में एक और बात यह है की यह बहोत हेल्दी एवं विभिन्न प्रकार के विटामिन एवं पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य है.




ऐसा कहा जाता है कि राजमा पुर्तगाल से भारत लाया गया था और इसको भिगोने और उबालने की तकनीक मैक्सिकन पाक कला से प्रभावित थी.


7. चिकन टिक्का मसाला ( Chicken Tikka Masala) -

दोस्तों चिकन टिक्का मसाला का आविष्कार ग्लासगो में हुआ था. इसके आविष्कार के पीछे एक बहुत ही दिलचस्प कहानी है और वह इस प्रकार है , हुआ यूँ था कि सन  1971 में ग्लासगो में अली अहमद नामक एक रसोइया था जिसके रेस्तरां (restaurant) का नाम शीश महल था. एक बार एक ग्राहक ने उस रेस्तरा में “चिकन करी” का आर्डर दिया लेकिन इसे खाते समय उसने इसे पसंद नहीं किया इसका कारण यह था की  “चिकन करी” सूखी थी. ठीक उसी  समय अली अहमद अपने रसोई में टमाटर सूप का मजे से आनंद ले रहा था और अचानक उसने सोचा कि क्यों न इस चिकन करी में सूप मिलाया  जाय. बस इसके बाद उसने करी में सूप, मसाले, क्रीम और दही के मिश्रण को मिलाया जिसे ग्राहकों ने बहुत पसंद किया. धीरे - धीरे उसका यह प्रयोग लोगों के जुबान पर अपने स्वाद का जादू दिखाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते पुरे ग्लासगो भर से लोग इसके स्वाद को लेने के लिए शीश महल नाम के इस रेस्तरा में आने लगे और कुछ ही समय के बाद इस शहर के बाहर भी यह लजीज पकवान लोगों को अपना दीवाना बना लिया.




जहाँ तक भारत की बात है तो यहाँ के लोग भी इस चिकन टिक्का मसाला को बड़े ही चाव से खाते हैं . विशेष रूप से यह पंजाब, दिल्ली , उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा में यह छोटे ,बड़े रेस्टोरेंटो पर आसानी से देखने को आपको मिल जायेंगे. जो इसकी प्रसिद्धि को खुद ही बयां कर देते हैं.

दोस्तों जहाँ तक मेरी बात है तो आपको बता दूँ कि मुझे खुद cहिचकें टिक्का मसाला बहोत पसंद है और जब भी मौका मिलता है , इसका स्वाद लेने से अपने आप को दूर नहीं रख पाता हूँ. वैसे आप लोगों को चिकन टिक्का कैसा  लगता है , हमें कमेंट बॉक्स में जरुर बताएं.


8. बिरयानी ( Biriyani) - 

दोस्तों जैसे बात बिरयानी की आती है , हमारे और आपके मुह में पानी आना लाजमी है क्योकि ये होतो ही है इतनी लजीज की हर नॉनवेज  लवर इसकी तरफ तेज़ी से आकर्षित हो जाता है. जहाँ तक इसकी शुरूआत की बात है तो यह 16वीं सदी में फारस से  हुई. क्योकि वहां सब्जी का उत्पादन पर्याप्त नहीं हो पाता था इसलिए काफी हद तक वहां के लोग नॉनवेज जैसे चिकन, मटन, बीफ पर निर्भर होते हैं.  इस व्यंजन का नाम फारसी शब्द "बिरियन" से लिया गया है जिसका अर्थ "खाना पकाने से पहले तलना या फ्राई करना है"

बिरयानी बनाने के लिए बासमती चावल , दही, केशर, वनस्पति तेल या मक्खन, कस्तूरी मेथी, अंडा, चिकन या मटन एवं विभिन्न प्रकार के गरम मसालों को मिलकर तैयार किया जाता है. 




जहाँ तक भारत में बिरयानी की लोकप्रियता की बात है तो पुरे भारत में यह लजीज नॉन वेज बहोत प्यार से खाया एवं खिलाया जाता है. भारत में इसे शादी- विवाह  एवं हर छोटे-बड़े पार्टियों में अक्सर आप देख सकते हैं. यह रेहड़ी से लेकर हर छोटे-बड़े रेस्टोरेंटो में आसानी से मिल जायेगा जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है.

अगर बात प्रसिद्धि की की जाये तो निजाम का शहर हैदराबाद की बिरयानी का कोई जवाब नहीं है. वैसे भारत में  बिरयानी को कई तरीके से बनाया जाता है विभिन्न प्रकार के मसालों के साथ अलग - अलग फ्लेवर की बिरयानी आपको मिल जाएगी.

जहाँ तक पसंद की बात है तो दोस्तों मै आपको बता दूँ की बिरयानी मुझे बहोत पसंद है और मैंने कई शहरों का बिरयानी टेस्ट किया है. लेकिन लखनऊ एवं हैदराबाद की बिरयानी मुझे सबसे अच्छी लगती है. अब बताने की बारी आपकी है की आपको भारत के किस शहर की बिरयानी सबसे अधिक पसंद है.  



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9. नान (Non) - 

इसकी शुरूआत फारस में हुई और खमीर के रूप में इसका इस्तेमाल ईरान में किया गया था. यह मुगल काल के दौरान मुगलों द्वारा भारत लाया गया था. यह देखने में काफी कुछ ब्रेड जैसा दिखता है एवं उतना ही सॉफ्ट होता है. इसका प्रयोग ज्यादातर लोग नॉनवेज जैसे चिकन, मटन एवं वेज में पनीर के साथ खूब किया जाता है.इसका कारण है की नॉन इन बताये गए व्यंजनों के साथ बहोत ही स्वादिस्ट लगता है. वैसे नान मुझे भी खूब भाता है और आपको , हमें जरुर बताएं . 




10. फिल्टर कॉफी ( Filter Coffee) -

 दोस्तों फ़िल्टर काफी की शुरुवात  यमन से  हुई थी. इसे दूध और चीनी के बिना मदिरा के विकल्प के रूप में सेवन किया जाता था. आपको बता दें की फ़िल्टर काफी 16 वीं सदी तक यह भारत में नहीं पाया जाता था. इसे मक्का की तीर्थयात्रा पर गए सूफी संत बाबा बुदन द्वारा भारत में लाया गया था.  वे वेयमन के मोचा शहर से सात कॉफी के दाने भारत में लाये थे. भारत में सबसे पहले  फिल्टर कॉफी "कॉफी उपकर समिति" द्वारा लोकप्रिय हुआ था जब उन्होंने 1936 में बंबई में अपने पहले कॉफी हाउस की स्थापना की थी.




दोस्तों हमारा आज का यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें जरुर बताइए. अगर यह पोस्ट आपको पसंद आया हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों एवं सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस पोस्ट की सारी जानकारी प्राप्त  हो सकें.

धन्यवाद.



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Tuesday, 15 September 2020

सुमित गोस्वामी जीवन परिचय | Sumit Goswami Biography in Hindi

Sumit Goswami Biography in Hindi -

नमस्कार, दोस्तों आज हम आप लोगों को सुमित गोस्वामी के बारे में बताने वाले हैं. जैसा की आप सब जानते हैं की  सुमित गोस्वामी एक हरयाणवी सिंगर हैं। एक अच्छे गायक होने के साथ- साथ सुमित गोस्वामी काफी  हैंडसम भी है, बिल्कुल अपने खुबसूरत गानों के जितना। मौजूदा समय में सुमित गोस्वामी ने हरयाणवी इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक खुबसूरत गानो से अपने प्रसंसको को झुमने पर मजबूर कर चुके हैं ।

आपको बता दें कि सुमित गोस्वामी ने हरयाणवी सांग आर्मी , परिंदे , भोलेनाथ , प्राइवेट जेट , बर्थडे सांग जैसे एक से बढ़कर एक गीत को अपनी आवाज़ से सुशोभित कर चुके है। आज के समय में इनके चाहने वाले सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में इनके करोड़ो प्रसंशक हैं. आज के इस आर्टिकल में हम आप लोगों को हरियाणा के इस मशहूर गायक के जीवन के बारे में स्टेप बाई स्टेप बताने वाले हैं तो आप बने रहिए हमारे इस आर्टिकल के साथ.




Sumit Goswami Biodata -

नाम                       सुमित गोस्वामी

उपनाम                  सुमित

जन्म                     18 नवम्बर 1996

उम्र                        24 वर्ष 

धर्म                        हिन्दू

नागरिकता             भारतीय

पेशा                        सिंगर

जन्म स्थान            दतौली सोनीपत , हरियाणा

वैवाहिक स्थिति      अविवाहित

रूचि                       सिंगिंग


सुमित गोस्वामी का प्रारंभिक जीवन एवं परिवार (Sumit Goswami Early Life Birth , Family) -

दोस्तों सुमित गोस्वामी का जन्म एक हिन्दू परिवार में हुआ है। जहाँ तक जन्म स्थान की बात है तो सुमित गोस्वामी का जन्म हरियाणा राज्य के दतौली सोनीपत  में हुआ है। बचपन से ही सुमित को फैशन करना बहुत  पसंद है  इसलिए ये हमेशा अपने को फैशन के लेटेस्ट ट्रेंड को फालो करते रहते हैं. 

सुमित  गोस्वामी के पिता का नाम राम किशोर गोस्वामी है जो की एक किसान होने के साथ -साथ एक अच्छे बिज़नेस मैन भी हैं. दूसरी तरफ इनकी  माता  का नाम पुष्पा गोस्वामी है। जहाँ तक इनके  भाई- बहनों की बात है तो सुमित के दो भाई भी है जिनका नाम अजित और अंकित है।




दोस्तों सुमित गोस्वामी अपने माता- पिता के लाडले बेटे हैं जिसके कारण इनके माता पिता इनसे बहुत प्यार करते हैं. न केवल माता पिता बल्कि इनका पूरा परिवार इनसे बहुत प्यार करता है. दोस्तों आपको बता दें कि  सुमित गोस्वामी अपने बचपन में काफी शरारती बच्चे थे एवं वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर खूब शरारत किया करते थे. और हां, जैसा की आप सब जानते हैं की सभी बच्चे अपने बचपन में सबसे ज्यादा माँ के पास रहते है और अगर माँ  सामने ना दिखे तो रोने लगते है , ठीक वैसे ही सुमित भी जब अपनी माँ से दूर होते तो वह खूब रोया करते थे.


सुमित गोस्वामी की शिक्षा (Sumit Goswami Education) -

दोस्तों आपको बता दें कि सुमित गोस्वामी ने अपनी शुरूआती शिक्षा हरियाणा के  दतौली सोनीपत से की है। स्कूली शिक्षा पूरा करने के बाद इन्होने अपनी आगे की पढाई इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है जो की  सरकारी पॉलिटेक्निक सोनीपत से की है। दोस्तों  सुमित गोस्वामी को अपने बचपन के दिनों से ही गाना गाने का बहुत शौक था। इसलिए ये अपने स्कूल में होने वाले प्रत्येक समारोह में बढ़ चढ़कर भाग लेते थे।ऐसा नहीं है की सुमित को सिर्फ सिंगिंग करने का शौक था बल्कि ये अपने इस शौक के साथ साथ ये पढाई में भी खूब एक्टिव रहते थे जिसके कारण ये एक अच्छे स्टूडेंट रहे हैं.





सुमित गोस्वामी की गर्लफ्रेंड (Sumit Goswami Girlfriend) -

दोस्तों जहाँ तक इनके वैवाहिक जीवन की बात है तो आपको बता दें कि सुमित गोस्वामी ने अभी तक शादी के बंधन में नहीं बंधे हैं मतलब ये अभी सिंगल हैं  अभी तक इनके किसी भी गर्लफ्रेंड  के बारे में कुछ भी ज्ञात नहीं है, लेकिन जैसे ही कुछ पता चलेगा तो हम आप लोगों को इसके बारे में बताएँगे. इसलिए  कुल मिला जुलाकर सुमित गोस्वामी अभी सिंगल है और ना ही किसी को अभी डेट कर रहे है।


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सुमित गोस्वामी की करियर (Sumit Goswami Career) -

दोस्तों सुमित गोस्वामी को अपने बचपन के दिनों से ही गाना गाने का बहुत शौक था। लेकिन वहीँ दूसरी तरफ सुमित गोस्वामी के माता - पिता  की तरफ से इन्हे सपोर्ट नहीं मिल रहा था। लेकिन फिर भी इन सब के बीच  इनके छोटे भाई अजित और इनके चाचा के बेटे शैंकी इनका खूब सपोर्ट करते थे।

सुमित गोस्वामी ने अपने जीवन का पहला गाना " कारोबार " से शुरू  किया। इस गाने पर इनको अच्छा खासा  रेस्पॉन्स मिला। इनके इस गाने के बाद इनके परिवार की तरफ से भी इन्हे फुल सपोर्ट मिलने लगा. इसके बाद इनका दूसरा सांग " गैंगवार विथ बवाली " किया। इस गाने  को काफी अच्छा रेस्पॉन्स मिला। इसके बाद सुमित ने एक के बाद एक कई सुपरहिट गाने गाये जिसे प्रशंसको ने खूब प्यार दिया. सुमित गोस्वामी के सांग ” आर्मी , परिंदे , भोलेनाथ काफी सुपरहिट सांग हैं.    



            

सुमित गोस्वामी के कुछ सुपरहिट  सांग (Sumit Goswami Superhit song) -

1. फीलिंग

2. बर्थडे

3.यार पुराने

4. बावली ट्रेड       

5. यार की शादी

6.  आर्मी

7.  भोलेनाथ

8.  परिंदे

9.प्राइवेट जेट

10. ब्रांड

11. रेड ऑय  

Sumit Goswami New Song 2020 -

1. मेरा भाई मेरा यार 

2. आज कल 

3. आदत सिंगा 

4. तावीज़ - विभास 

5. देशी वियाह 

6. गम्मा वाले 

7. यार की सरकार 

8. रोक - टोक 

9. वारदात इन हरियाणा 

10. यारा के बिना 

11. हरियाणा माफिया ग्रुप 

12. बैंग - 2  

सुमित गोस्वामी की इंस्टाग्राम अकाउंट लगातार बढ़ते फालोवर- (Sumit Goswami instagram account Follower) -

दोस्तों सुमित गोस्वामी सोशल मीडिया प्लेटफार्म मुख्य रूप से अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर काफी एक्टिव रहते हैं एवं नियमित रूप से इसको अपडेट करते रहते हैं. जिसके कारण इनके  इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगातार फालोवर तेजी से बढ़तेजा रहे  हैं. अभी तक इनके  इंस्टाग्राम अकाउंट पर 222K से ज्यादा फॉलोवर हो चुके हैं. दोस्तों आपको बता दें कि सुमित गोस्वामी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर यूजर नेम officialsumitgoswami है।

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दोस्तों हमारा आज का यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें जरुर बताइए. अगर यह पोस्ट आपको पसंद आया हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों एवं सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग हरियाणा के इस होनहार सिंगर के बारे में जान सकें.

धन्यवाद.






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Saturday, 29 August 2020

हाँकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जीवन परिचय | Major Dhyanchand Biography in Hindi

मेजर ध्यानचंद का जीवन परिचय (Major Dhyanchand Biography in Hindi)- 

नमस्कार, दोस्तों कहते हैं कि जब हिटलर ने मेजर ध्यानचंद के जबर्दस्त खेल से प्रभावित होकर इनको  जर्मनी की सेना में ऊचे पद, दौलत की पेशकश की तो उस वक़्त  हिटलर के इस पेशकश को ठुकराने वाले मेजर ध्यानचंद के यही शब्द थे-

"कि मैंने भारत का नमक खाया है, मैं भारत के लिए ही खेलूँगा."

ऐसे सच्चे महान देशभक्त, भारत  माता के गौरव पुत्र थे मेजर ध्यानचंद जिन्होंने कभी नंगे पाँव खेलकर भारत को 1928, 1932 एवं  1936 में ओलम्पिक का गोल्ड मेडल दिलवाया था .       

बताया जाता है हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद नंगे पैर चांदनी रात में हाकी का अभ्यास किया करते थे. जी हां दोस्तों बिल्कुल सही सुना आपने वहीँ हाकी के इस सर्वकालिक महान खिलाड़ी जब हॉकी के खेल में गोल दागा करते थे न तो मैदान में मौजूद सब के सब हैरान रह जाते थे. क्योकि मेजर ध्यानचंद का  गोल करने का तरीका जबर्दस्त था जो सबको मंत्रमुग्ध कर देता था. और तो और दोस्तों  कई बार हाकी के इस जादूगर की हाकी स्टिक को तोड़कर देखा जाता था कि कहीं इसमें किसी तरह का कोई चुम्बक तो नहीं लगा है.



लेकिन  हर बार इनके हाकी स्टिक को चेक करने वाले लोग सिर्फ और सिर्फ निराश हुए बस. इनके जीवन से सम्बंधित एक और घटना है कि बताया जाता है की जब भारत माता का यह लाल जब भारत के लिए जबसे हाकी खेलना शुरू किया तब से भारत  हॉकी की दुनिया की सर्वश्रेष्ट टीम बन गया था. क्योंकि ध्यानचंद जी ने अपनी अपना पूरा दिल और दिमाग सिर्फ हाकी खेलने में लगा दी थी.

इस प्रकार भारत की हॉकी टीम को सर्वश्रेष्ट बनाने में, आज हम मेजर ध्यानचंद सिंह और उनके सुनहरे जीवन के बारें में आपको विस्तार से बताने वाले हैं तो चिपके रहिए हमारे इस आर्टिकल के साथ. 




मेजर ध्यानचंद का प्रारंभिक जीवन (Major Dhyanchand Birth & Family) -

दोस्तों हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त सन 1905 को इलहाबाद ( जिसे अब प्रयागराज कहा जाता है ) में हुआ था. इनका जन्म एक कुशवाह मौर्य समाज में हुआ था. मेजर ध्यानचंद  के पिता का नाम श्री रामेश्वर जी था और वह ब्रिटिश आर्मी में सूबेदार के पद पर थे. इसी कारण  से उनका तबादला आये दिन होता रहता था.

जहा तक इनके पढाई- लिखाई की बात है तो आपको बता दें कि हाकी का यह महान जादूगर  बहुत ही मुश्किल से अपनी पढाई मात्र छटवी कक्षा तक कर पाई थी और किसी कारणवश बाद में पढाई छोड़ दी क्योंकि उनके पिता के तबादले की वजह से वह ठीक से पढ़ नहीं पाते थे. कुछ समय बाद  उनके पिता झांसी में आकर बस गए. यहीं  पर उन्होंने रेसिंग करना शुरू किया क्योंकि उन्हें हॉकी खेलना पसंद नहीं था.




मेजर ध्यानचंद  का हॉकी से लगाव -

दोस्तों मेजर ध्यानचंद उस दिनों  रेसिंग करने में तो सक्षम थे, ऐसे में उनके एक मित्रों ने  उन्हें हॉकी खेलने के लिए दबाव डालने लगे क्योकि मेजर ध्यानचंद जी के पास एथलीट वाला शरीर था जिसे देखकर इनके दोस्त इनको हाकी के लिए बाध्य करते. दोस्तों के कहने पर मेजर ध्यानचंद उसके बाद अपने  दोस्तों के साथ हॉकी खेलना शुरू किया और कुछ ही समय बाद हाकी उनका पसंदीदा खेल भी हॉकी बन गया. इस तरह मेजर ध्यानचंद ने हाकी खेलने की शुरुवात की.

एक दिन की बात है ध्यानचंद जी अपने पिता के साथ आर्मी कैंप का हॉकी मैच देखने गयेi और वहां पहुचकर उन्होंने देखा की एक टीम हार रही है, तो यह सब इनसे देखा नहीं गया और ठीक उसी वक़्त  अपने पिता से कहा की वह हारने वाली टीम के लिए खेलना चाहते है. क्योकि वह मैच आर्मी वालों का था तो ध्यानचंद के पिता ने उन्हें खेलने की अनुमति  दे दी. इस प्रकार मेजर ध्यानचंद ने यहाँ अपने  टीम के लिए 4 गोल कर डाले , बस यहीं पर  आर्मी के ऑफिसर ने उनका जबर्दस्त आत्मविश्वास देखकर उन्हें आर्मी ज्वाइन करने के लिए कह दिया और इस तरह सन 1922 में मेजर ध्यानचंद  पंजाब रेजिमेंट में एक सिपाही बन गये.



कुछ समय बाद उसके बाद ब्राह्मण रेजिमेंट सूबेदार मेजर भोले तिवारी ने उन्हें खेल का ज्ञान विस्तार पूर्वक दिया और ध्यानचंद के पहले कोच पकंज गुप्ता थे. उन्होंने ही ध्यानचंद का खेल देखकर कहा की एक दिन यह मेजर  "चाँद की तरह चमकेगा", और दोस्तों कुछ समय के बाद  उनकी यह बात 24 कैरेट सच भी हुई और उसी वक्त उन्हें ध्यान सिंह से "चंद" की उपाधि मिल गयी.


ध्यानचंद का हॉकी कैरियर ( Major Dhyanchand Hockey Career)-

दोस्तों आपको बता दें की हॉकी के खेल में ध्यानचंद हमेशा श्रेष्ठ  रहे और उनका दमदार खेल देखकर सब यह सोचकर हैरान रह जाते की यह खिलाड़ी किस प्रकार खेलता है और वह यह कहने पर मजबूर हो जाते की वाह क्या खेल दिखाया.

इसप्रकार हाकी का यह खिलाड़ी दुनिया भर के हाकी प्रशंसको के दिलो को जित चुका था. उनके जीवन की बहुत सी घटनाएं हैं जिनमें से कुछ का आगे हम जिक्र कर रहे हैं .

जहां पर मेजर ध्यानचंद ने अपना सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन किया है. हम बात करते है उनके पहले नेशनल हॉकी टूर्नामेंट जो की सन 1925 में हुआ था. इसमें उनके दमदार  प्रदर्शन को देखकर उनका चयन इंटरनेशनल हॉकी टीम में हुआ.





ध्यानचंद का  बायोडाटा ( Major Dhyanchand Biodata) -

पूरा नाम -     ध्यानचंद सिंह

उपनाम  -     मेजर ध्यानचंद सिंह

ओलम्पिक में स्वर्ण -  1928, 1932 व  1936 

हाकी की दुनिया में अलंकरण-   हॉकी के जादूगर

जन्म -           5 अगस्त सन 1905

पद    -            पंजाब रेजिमेंट में मेजर पद 

व्यवसाय -       हॉकी खिलाड़ी (फारवर्ड )

सम्मान  -        पद्मभूषण 

भारत के लिए हाकी खेली -     सन 1926 से 1948 तक 

हाकी कैरियर में कुल गोल -  1000 से भी अधिक 

अन्तराष्ट्रीय में कुल गोल -   400

मृत्यु     -          3 दिसंबर 1979


मेजर ध्यानचंद का पहला अन्तर्राष्ट्रीय मैच (Major Dhyanchand First Hockey Match) -

दोस्तों आपको बता दें कि मेजर ध्यानचंद का पहला मैच न्यूजीलैंड में हुआ था यहाँ पर भारतीय टीम ने दनादन 20 गोल कर डाले और दोस्तो इसमें सबसे बड़ी बात यह है की 10 गोल अकेले ध्यानचंद ने किये थे. भारत ने यहाँ पर 21 मैच खेले और जिसमें से 18 मैचो में भारत ने जीत हासिल की. इस जीत का काफी हद तक श्रेय मेजर ध्यानचंद को मिला था और मिलता भी क्यों न क्योकि पुरे टूर्नामेंट में 192 गोल हुए और इनमे से 100 गोल अकेले हाकी का यह जादूगर के थे. 

इस तरह अब आप आसानी से सोच सकते हैं की ऐसे ही उन्हें "हॉकी का जादूगर" नहीं कहा जाता है. दोस्तों आपको बता दें कि मेजर ध्यानचंद के कैरियर में भारत ने लगातार तीन बार गोल्ड मेडल जीतकर हाकी की दुनिया में भारत की बादशाहत साबित की थी.

और तो और दोस्तों इनके जीवन की एक और घटना आपको बता दें कि मेजर ध्यानचंद  के अपने खेल के दुर्लभ  आत्म समर्पण एवं जबर्दस्त आत्मविश्वास  को देखकर जर्मनी का बादशाह हिटलर भी इनके आशिक हो गये थे. ओलम्पिक के में जर्मनी के खिलाफ हुए एक मैच में मेजर ध्यानचंद के शानदार खेल को देखकर हिटलर इनसे इतना प्रभावित हुआ की मैच के बाद हिटलर ने इन्हें जर्मन आर्मी में हाई पोस्ट ऑफर कर डाली और मज़े की बात यह है की भारत माता का यह सच्चा देशभक्त मेजर ने यह कहकर मना कर दिया की वह अपने वतन भारत को नहीं छोड़ेंगे चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी चीज़ से समझौता करनी पड़े.

 जब नंगे पाँव खेले थे जर्मनी के खिलाफ -

 दोस्तों बर्लिन ओलम्पिक में भारत ने तीन टीम के साथ गेम खेला, यह मैच 1932 में हुआ था इस खेल में हंगरी, अमेरिका और जापान को भारत ने जीरो गोल में हरा दिया था. उसके बाद फाइनल मैच जर्मनी के साथ हुआ. इस मैच में इंटरवल तक भारत के खाते में एक भी गोल नहीं था उसके बाद मैदान में मेजर ध्यानचंद की हाकी स्टिक ने अपना जादू बिखेरना शुरू किया और इन्होंने अपने अपने जूते उतार दिए और नंगे पाँव ही एक के बाद एक शानदार गोल करने शुरू किये.

दोस्तों  आपको बता दें भारत ने यह मैच यह 8-1 से जीत लिया . ओलम्पिक में यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी मेजर  ध्यानचंद एवं पुरे भारत के लिए क्योंकि अगर यह मैच भारत हार जाता तो भारत की जीत फीकी पड़ जातीलेकिन मेजर ध्यानचंद और पूरी भारतीय टीम भारत को इस मैच में जीत दिलाकर ही दम लिया..


मेजर ध्यानचंद  की मृत्यु (Major Dhyanchand Death) -

दोस्तों हाकी के सर्वकालिक महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी हॉकी सन 1948 तक खेलते रहे और अपने हाकी के पूरे जीवनकाल में उन्होंने 1000 से भी ज्यादा गोल किये थे को की एक विश्व रिकार्ड है. इन्होंने बाद में हाकी से रिटायरमेंट ले ली और आपको बता दें  की मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर ही भारत हर साल 29 अगस्त को खेल दिवस मनाता है.

मेजर ध्यानचंद के जीवन के आखिरी कुछ समय  में उनको पैसों की काफी तंगी का सामना करना पड़ा और इसी दौरान उनकी लीवर में कैंसर होने की वजह से AIMS के जनरल वार्ड में इन्होंने अपने जीवन की अंतिम सांस ली.  इस प्रकार हाकी का यह सर्वकालिक महान खिलाड़ी 3 दिसंबर सन 1979 को सदा के लिया इस दुनिया को छोड़कर चला गया.

मेजर ध्यानचंद के जीवन की उपलब्धियां (Major Dhyanchand Life Achivement)- 

हॉकी के इस महान खिलाड़ी ने अपने जीवन में बहुत कुछ प्राप्त किया जैसे मान-सम्मान, इज्जत,शोहरत,यश आदि  है. आज भी भारत के साथ पुरे दुनियाभर में हाकी के इस जादूगर के बारे में ढेर सारी बातें होती रहती है और आज भारत हर वर्ष इनके याद में "खेल दिवस" भी मनाता है. 

मेजर ध्यानचंद ही वह व्यक्ति है जिसने ओलम्पिक में भारत को पहला "गोल्ड मेडल" दिलवाया था. उनके जीवन की कुछ उपलब्धियां आपको बता रहे हैं –

1. सन 1956 में मेजर ध्यानचंद जी को "पद्म भूषण" सम्मान से अलंकृत किया गया था.

2. इनकी याद में भारत में डाक टिकट शुरू की गई.

3. भारत में इनके  जन्मदिन को खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है.

4. भारत की राजधानी दिल्ली में मेजर ध्यानचंद  के नाम पर ही एक स्टेडियम का निर्माण करवाया गया है.


मेरे प्यारे भाइयों एवं बहनों अंत में हम आप लोगों से कहना चाहते हैं कि मेजर ध्यानचंद के दिल में अपने देश के प्रति इतनी अपार देशभक्ति, अप्रतिम प्यार , जबर्दस्त आत्मसमर्पण, श्रद्धा एवं अपने खेल के प्रति अपार इच्छाशक्ति थी जिसके बदौलत इन्होंने भारत का नाम दुनिया के पटल पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित करवाया, भारत माता के ऐसे सच्चे देशभक्त को मैं शत -शत नमन करता हूँ.    

धन्यवाद.













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किसी भी फाइल को दुसरे फॉर्मेट में कन्वर्ट कैसे करे | How to Convert jpg to pdf, pdf to doc , jpg to bmp, mp3 to wav

 बिना फॉर्मेट बदले इस प्रकार फाइल करें कन्वर्ट (Online Converter)-

नमस्कार, दोस्तों अक्सर ऐसा होता है की ऑनलाइन पीडीएफ से डाक ( pdf to doc) , जेपीजी से बीएमपी (jpg to bmp) एवं एमपीथ्री से डब्लूएवी (mp3 to wav) आदि फॉर्मेट में डॉक्यूमेंट इमेजेस, ऑडियो, वीडियो फाइल मिलते हैं. लेकिन जरूरी नहीं है कि इस तरह की फाइल को ओपन करने के लिए आपके पास सभी  सॉफ्टवेयर ही हो. ऐसे  में  अगर अगर आपकी फाइल्स ओपन नहीं हो रही है तो यहाँ पर आप ऑनलाइन कनवर्टर की मदद ले सकते हैं. जो किसी भी फॉर्मेट में आने वाली फाइल्स को कन्वर्ट  करने की सुविधा देता है. दोस्तों इसमें खास बात यह है कि इसके लिए आपको कोई अतिरिक्त सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं पड़ती है.




 ऑनलाइन कन्वर्ट ( Online Convert) - 

अगर आपको फाइल कन्वर्ट  करने की  जरुरत महसूस होती है तो ऑनलाइन कन्वर्ट डॉट  काम (onlineconvert.com) पर जा कर यह चेक कर सकते हैं कि यहां पर किस फाइल्स को कन्वर्ट करने की सुविधा मिलती है. इसके लिए टॉप से दाएं का कोर्नर में आपको एक छोटा बॉक्स मिलेगा. इस बॉक्स में आपको फाइल्स कन्वर्ट सपोर्ट से जुड़ी सारी जानकारी मिलेगी.



इसके बाद जब आप गो पर टैप करते हैं तो यहां पर वीडियो, ऑडियो, इमेज, डॉक्यूमेंट, ई बुक , आर्काइव कन्वर्ट से जुड़े बहोत सारे विकल्प मुख्य पेज पर ही मिल जाते हैं.  दोस्तों यहाँ पर सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि आप यूआरएल  या फिर क्लाउड से भी फाइल्स को अपलोड कर उसे मनचाहे फॉर्मेट में कन्वर्ट करने का विकल्प मिलता है.

अब आपके द्वारा चुनी हुई फाइल अपलोड होने के बाद आपको कन्वर्ट फाइल पर क्लिक करना होगा. इस प्रकार आपका फाइल मनचाहे फॉर्मेट में कन्वर्ट हो जायेगा. (https://onlineconvert.com) 


कन्वर्टियो ( Convertiyo) - 

दोस्तों ऑनलाइन फाइल को कन्वर्ट करने के लिए यह भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है. यहां पर आप अपने कंप्यूटर, गूगल ड्राइव , द्रोप्बोक्स पर मौजूद फाइल्स के अलावा आप यूआरएल  के मदद से भी अपने फाइल को कन्वर्ट कर सकते हैं क्योकि यह 300 से अधिक फाइल फॉरमेट को सपोर्ट करता है. यहां पर किसी भी फॉर्मेट की डॉक्यूमेंट, वीडियोज , इमेज, अर्काइव, ऑडियो, प्रजेंटेशन एवं ड्राइंग आदि को कन्वर्ट करने की सुविधा मिलती है. 

दोस्तों इसकी खासियत है कि यहाँ पर आप एक बार में कई  फाइल्स को एक साथ कंवर्ट करने की सुविधा मिल जाती है. इसमें आपको अपने फाइल्स कन्वर्ट के दौरान एक से ज्यादा फाइल्स  को जोड़ने के लिए मोर फाइल  बटन पर क्लिक करना होता है. अब आप अपने कन्वर्ट किये फाइल को ज़िप फाइल में डाउनलोड करने का विकल्प भी यहां पर मिलता है. https://convertio.co

दोस्तों यह पोस्ट आपको कैसा लगा आप अपने कमेंट के माध्यम से हमें जरुर बताएं. अगर यह पोस्ट आपको पसंद आया हो तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों एवं सोशल मीडिया पर शेयर करें.

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Friday, 28 August 2020

अपने एंड्राइड फ़ोन का बैकअप कैसे लें | How to backup your Android phone

How to backup your Android phone -

नमस्कार, दोस्तों अगर आपका स्मार्टफ़ोन गिर कर टूट जाए या फिर किसी कारणवश चलना बंद कर दे अथवा  चोरी हो जाए या कहीं फिर खो जाए तो फिर उस स्थिति में उस डाटा का क्या होगा, जो आपके फ़ोन में था. इस तरह अगर आपने अपने फ़ोन का डाटा बैकअप नहीं लिया है, ऐसी स्थिति में आपके फ़ोन के डाटा को पुनः प्राप्त करना बहुत मुश्किल हो जाता है. मित्रों आज के इस आर्टिकल में हम आप लोगों को बताएँगे कि कैसे अपने खोये हुए या ख़राब हो चुके फ़ोन का डाटा वापस हासिल किया जाये. तो  आइए जानते कुछ ऐसी आसान तरीके के बारे में जिन की मदद से फोन का बैकअप आसानी से लिया जा सकता है.




अगर आपका फोन क्रैश हो जाए हो जाए या फिर चोरी हो जाए तो इस स्थिति में नुकसान सिर्फ आर्थिक ही नहीं होता है बल्कि हमारे स्मार्ट फ़ोन में मौजूद सारा डाटा भी ख़त्म हो जाता है. इससे बचने के लिए स्मार्ट फ़ोन यूजर  अपने फ़ोन में क्लाउड बैकअप एक्टिव रखते हैं.

ताकि अगली बार उस अकाउंट से लॉग इन करने पर पुराना डाटा वापस मिल जाये. दोस्तों यह तरीका अच्छा है लेकिन आपको यह भी समझना होगा की हर चीज को क्लाउड पर बैकअप नहीं कर सकते. इसलिए यह बहुत जरुरी है की आप अपने फ़ोन का बैकअप नियमित रूप से बनाते रहें. वैसे आज के समय में अपने फ़ोन का बैकअप लेना काफी आसान हो गया है.

How to backup your Iphone -

आईफ़ोन का बैकअप- एप्पल की आईफ़ोन में बैकअप की प्रक्रिया काफी आसान है. यहां पर बैकअप के लिए  के लिए आई क्लाउड या फिर अपने कंप्यूटर को सुन सकते हैं. 

आई क्लाउड - अगर आप बैकअप के लिए आईक्लाउड  या फिर अपने कंप्यूटर का चयन कर सकते हैं. अगर आप बैकअप के लिए आईक्लाउड को चुनते हैं तो अपने डिवाइस की सेटिंग में जाने के बाद आपको अपने नाम पर टैप   कर आईक्लॉउड पर जाना होगा. इसके बाद बैकअप के लिए आईक्लाउड  बैकअप के लिए टैप करें. फिर बैक अप पर क्लिक  करके  तब तक इंतजार करना होगा जब तक यह पूरा प्रोसेस कंप्लीट नहीं हो जाता है.




बैकअप लेने के लिए डिवाइस को वाई-फाई से कनेक्ट रखना होगा. वैसे मोबाइल डांटा से भी आप  बैकअप ले सकते हैं, लेकिन वाई -फाई  से यह  प्रक्रिया ज्यादा तेजी से और आसानी से होती है. जब एक बार बैकअप की प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो बैकअप में जाकर अंतिम बैकअप की तिथि और समय को देख सकते हैं.




इसके बाद नियमित रुप से आईक्लाउड पर  उस पर आपके फ़ोन का डाटा बैकअप होता रहेगा. वहीँ आईफ़ोन  यूजर के लिए आईक्लाउड पर बैकअप लेना ज्यादा सुविधाजनक होता है, लेकिन 5 जीबी से ज्यादा डाटा होने की स्थिति में फिर आपको एक्स्ट्रा स्टोरेज के लिए भुगतान करना पड़ेगा.

क्योकि आईफ़ोन पर थर्ड पार्टी एप्स की पहुंच बहुत सीमित है, इसलिए यहाँ आपको क्लाउड और लोकल बैकअप के लिए दुसरे अल्टरनेटिव ऑप्शन नहीं मिलते हैं. आपको बता दें कि अभी हाल ही में गूगल  ने आईओएस के लिए गूगल वन (Google One) की घोषणा की है. यह एक प्रकार का स्टोरेज़ सर्विस है और एंड्राइड पर पहले से ही उपलब्ध है, लेकिन अब गूगल का कहना है कि बहुत जल्द ही इसे आईओएस (ios)  के लिए भी उपलब्ध करा दिया जायेगा. इससे यूजर को ऑटोमेटिक फोन बैकअप की सुविधा मिलेगी.


कंप्यूटर पर डाटा बैकअप ( Computer ka backup kaise le) - 

अगर आप अपने डिवाइस का बैकअप कंप्यूटर में लेना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको कंप्यूटर से अपने डिवाइस से कनेक्ट करना होगा. मैकओएस कैटालीना 10.15 वाले सिस्टम के लिए फाइंडर को ओपन करना होगा, वही अपने सिस्टम  के लिए फाइंडर को ओपन करना होगा. 





 इसके बाद अपने सिस्टम को कनेक्ट करने के बाद आपका डिवाइस पास कोड या फिर 'ट्रस्ट दिस कंप्यूटर' के बारे में पूछता है, तो इससे सम्बंधित कुछ स्टेप्स दिखाई देंगे जिसे आपको फालो करना होगा. इसके बाद अपने डिवाइस  उसको ओपन करना होगा सिस्टम से कनेक्ट करने के पास डिवाइस पास कोड या फिर प्रदेश कंप्यूटर के बारे में पूछता है तो स्क्रीन पर इससे सम्बंधित  कुछ स्पेशल लिखाई देंगी जिसे आपको फॉलो करना होगा. इसके बाद अपने डिवाइस को कंप्यूटर पर खोजें अगर डिवाइस नहीं दिखाई दे रहा है तो डिवाइस की स्क्रीन को और अनलॉक  रखें. उसके बाद चेक करे कि मैक और विंडोज आपके पीसी में लेटेस्ट वर्जन है या फिर नहीं. अगर आप आईट्यून्स का प्रयोग कर रहे हैं तो यह लेटेस्ट वर्जन का होना जरुरी है.


अगर आपको ट्रस्ट दिस कंप्यूटर का अलर्ट दिख रहा है तो अब आप अपने डिवाइस को अनलॉक कर 'ट्रस्ट' पर टैप करें. अगर आपका डिवाइस कंप्यूटर में शो कर रहा है तो फिर आप 'बैकअप नाउ' पर क्लिक करें. जब बैकअप प्रोसेस कम्पलीट हो जायेगा तो आपको इससे सम्बंधित मेसेज दिखाई देने लगेगा.

एंड्राइड डिवाइस - एंड्रॉयड डिवाइस पर बैकअप के लिए ढेरों थर्ड पार्टी एप्स उपलब्ध हैं लेकिन यहाँ आपको अपने डिवाइस का बैकअप गूगल के साथ करना ही सबसे अच्छा रहता है. 

एंड्राइड फोन का बैकअप ( Android ka backup kaise le) - एंड्राइड  डिवाइस के लिए गूगल ड्राइव पर एनक्रिप्टेड बैकअप बना सकते हैं. इसके लिए सेटिंग्स में अन्दर 'अकाउंट एंड सिंक' में जाना होगा. जहाँ पर अकाउंट के अन्दर 'ऑटो सिंक डाटा ' पर टिक मरते हुए गूगल  पर टैप करना होगा. इसके बाद आपको उस जीमेल आईडी को चुनना होगा, जिससे अपने फ़ोन को साइन इन किया है. यहाँ पर गूगल से सम्बंधित जानकारी को क्लाउड से सिंक करने के लिए सभी विकल्पों को टर्न ऑन करना होगा. इसके अंतर्गत कांटेक्ट,फ़ोटोज़,एप डाटा, कैलेण्डर इवेंट, क्रोम टैब , गूगल फिट डाटा आदि शामिल होता है.




फिर सेटिंग्स में जाने के बाद 'बैकअप एंड रिसेट ' में जाएँ, अब यहाँ आप 'बैकअप माय डाटा' पर टैप करें.इससे एप डाटा और फ़ोन सेटिंग्स के साथ अपना वाई-फाई पासवर्ड भी गूगल अकाउंट पर सेव हो जायेंगे.यह पिक्सल डिवाइस के लिए है. दुसरे स्टॉक एंड्राइड डिवाइस पर settings >system >advanced >backup >back up to Google drive के स्टेप्स को फॉलो करना होगा.

आपको बता दें कि कुछ डिवाइस में यह सेटिंग्स थोड़ी अलग भी हो सकती है. दोस्तों गूगल ड्राइव पर 15 जीबी तक डाटा स्टोर ( इसमें जीमेल, गूगल फोटोज, ड्राइव के डाटा भी शामिल होते हैं) कि सुविधा मिलती है.

इसमें एप्स और एप डाटा, काल हिस्ट्री, फ़ोन सेटिंग्स और उसने एसएम्एस टेक्स्ट (मैसेज नहीं ) भी शामिल होते हैं. फोटो और वीडिओस का गूगल फोटोज के माध्यम से बैकअप ले सकते हैं.

कंप्यूटर पर बैकअप ( Computer ka Backup kaise le ) - 

अगर आप एंड्रॉयड डिवाइस का बैकअप अपने कंप्यूटर पर लेना चाहते हैं तो अपने डिवाइस को यूएसबी केबल के जरिए कंप्यूटर से कनेक्ट करना होगा.  वहीँ अगर आप मैक डिवाइस पर बैकअप लेना चाहते हो तो यहां पर बैकअप के लिए ' एंड्रॉयड फाइल ट्रांसफर एप ' डाउनलोड करना होगा.

इसके लिए सबसे पहले  विंडोज पीसी में माय  कंप्यूटर ओपन करे वही मैक के लिए फाइंडर ओपन करना होगा. यहां पर आपको फोटो, वीडियो, म्यूजिक डॉक्युमेंट्स आदि सी जुड़े बहुत सारे फोल्डर दिखाई देंगे. अब यहां पर कापी, पेस्ट के जरिए अपने पीसी में बैकअप ले सकते हैं. इसके साथ ही आप एसडी (sd ) कार्ड में मौजूद डाटा को भी यहां पर कापी  कर सकते हैं. 


दोस्तों इसके अलावा नीचे बताये कुछ एप्स भी काफी उपयोगी हैं-

दोस्तों आपको गूगल प्ले स्टोर पर बहुत सारे ऐप्स मिल जाएंगे जहाँ आप अपने फोन के अलग-अलग हिस्से  का बैकअप ले सकते हैं. 

1. एसएम्एस  बैकअप प्लस -

एंड्रॉयड फोन के लिए उपलब्ध इस एप की मदद से यूजर एसएम्एस, एम्एम्एस, काल हिस्ट्री, जीमेल और गूगल  कैलेंडर का आटोमेटिक बैकअप ले सकते हैं.

2. जी क्लाउड बैकअप - यह फ्री एप है यहाँ  पर आप डाटा, वीडियोज, म्यूजिक ,एसएम्एस आदि सभी चीजो का बैकअप आसानी से लिया जा सकता है. यहाँ आप डाटा बैकअप के लिए एपको शेडूयूल भी कर सकते हैं.

3.एसएमएस  बैकअप एंड रिस्टोर - दोस्तों टेक्स्ट मेसेज का बैकअप लेने के लिए आप इसका इस्तेमाल भी कर  सकते हैं. इस ऐप को ई-मेल अकाउंट, गूगल ड्राइव एवं ड्रापबॉक्स के साथ इंटीग्रेटेड भी किया जा सकता है. 

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